अच्‍छी खबर: देश में इस बार सामान्य से बेहतर रहेगा मानसून

नई दिल्‍ली। कोरोना के बीच किसानों के लिए अच्छी खबर है। इस साल 1 जून से शुरू होने वाला मानसून यानी बारिश सामान्य से बेहतर रहने का अनुमान है। मौसम की जानकारी देने वाली संस्था स्काईमेट वेदर सर्विसेज ने बताया कि भारत में इस साल जून से सितंबर के दौरान औसत बारिश 907 मिलीमीटर हो सकती है।
पूरे भारत में चार महीनों के दौरान औसत 880.6 मिलीमीटर बारिश होती है, जिसे लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) कहते हैं। स्काईमेट इसे ही औसत मानकर चलती है। यानी बारिश का यह आंकड़ा 100% माना जाता है। इस साल 907 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है। 2021 में मानसून के दौरान 103% बारिश होने की संभावना है। 96% से लेकर 104% की बारिश को सामान्य से बेहतर बारिश कहा जाता है। 2019 में यह आंकड़ा 110% और 2020 में 109% रहा था। अब 2021 में लगातार तीसरे साल भी अच्छे मानसून का फायदा मिलेगा।
नॉर्थ ईस्ट और कर्नाटक में कम बारिश के आसार
रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जून में 177 मिलीमीटर बारिश हो सकती है, जबकि जुलाई में 277, अगस्त में 258 और सितम्बर में 197 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि पिछले साल जिन इलाकों में सामान्य से कम बारिश हुई थी, वहां पर इस बार अच्छी बारिश की संभावना है। जून में बिहार और पश्चिम बंगाल में अच्छी बारिश की संभावना है। जुलाई के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश राज्यों में अच्छी बारिश होगी, जबकि नॉर्थ ईस्ट और कर्नाटक में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है।
सितंबर में मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश की संभावना
सितंबर में मध्य प्रदेश और देश के पश्चिमी क्षेत्रों जैसे महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस साल भी मुंबई में बारिश जून के पहले हफ्ते से शुरू होगी। हालांकि स्काईमेट ने साफ किया कि राज्यों पर अनुमान अभी नहीं दिया जा रहा है, यह अनुमान पूरे देश के लिहाज से है।
पूर्वानुमान के आधार पर तैयार होती हैं योजनाएं
मौसम पूर्वानुमान से प्राकृतिक आपदाओं जैसे भारी वर्षा, ओलावृष्टि, हीट वेव यानी लू, शीतलहर से फसलों को बचाने की तैयारी में मदद मिलती है। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार को भी सूखे और बाढ़ जैसे मामले में किसानों से जुड़ी योजना को तैयार करने में मदद मिलती है।
अच्छे मानसून का खेती पर अच्छा असर
अच्छे मानसून से खेती पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। पिछले साल समय पर बारिश के चलते रबी फसल की बुआई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। क्रिसिल के मुताबिक सीजन में 27 नवंबर 2020 तक कुल 348 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई, जो इसके पिछले सीजन में 334 लाख हेक्टेयर थी। यानी 4% की ग्रोथ रही और बीते 5 सालों के औसत से भी 2% ज्यादा रही।
-एजेंसियां

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