35 रुपये के मिनिमम Recharge से मोबाइल कंपनियों के लौट आए अच्‍छे दिन

हर महीने 35 रुपये के मिनिमम Recharge को अनिवार्य बनाने से एयरटेल और वोडाफोन आडिया को लाभ मिलने की उम्मीद है।
देश में दूसरे नंबर की दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के चौथी तिमाही के नतीजे से मोबाइल सेक्टर की हालत सुधरने का संकेत मिल रहा है। यह बात फिच रेटिंग्स ने कही है। उसे इस साल दूरसंचार उद्योग की आमदनी करीब 10 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछले तीन साल में ऐसा पहला मौका होगा।
रेटिंग्स फर्म ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इस उद्योग के मंथली ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) के भी 20 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। उसने कहा कि ऐसा टैरिफ में बढ़ोत्तरी के कारण होगा। ARPU को कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी का एक अहम पैमाना माना जाता है।
दो साल से घाटे में थीं पुरानी कंपनियां
फिच ने कहा कि कॉम्पिटीशन घटने और देश में सस्ते 4जी हैंडसेट्स की उपलब्धता बढ़ने से डेटा ट्रैफिक में हो रही बढ़ोत्तरी के कारण इंडस्ट्री की हालत बेहतर होगी। यह स्थिति दो साल से ज्यादा समय बाद बनती दिख रही है। इस दौरान रिलायंस जियो से कम्पटीशन के कारण देश की पुरानी टेलिकॉम कंपनियों वोडाफोन इंडिया और भारती एयरटेल को भारत में अपने मोबाइल बिजनस में घाटा हो रहा था।
‘5-10 फीसदी बढ़ेगी आमदनी’
फिच के सिंगापुर बेस्ड डायरेक्टर नितिन सोनी ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि 2019 में इंडस्ट्री की आमदनी 5-10 प्रतिशत बढ़ेगी। यह ग्रोथ का पिछले तीन वर्षों में पहला मौका होगा। कम्पटीशन बढ़ने और अफोर्डेबल 4जी हैंडसेट्स की उपलब्धता बढ़ने से डेटा ट्रैफिक में बढ़ोत्तरी के कारण ऐसा होगा।’
111 से बढ़कर 118 रुपये होगा ARPU
सोनी ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि ब्लेंडेड ARPU 2019 में 10-20 प्रतिशत बढ़कर 111 रुपये से 118 रुपये प्रति महीने तक पहुंच जाएगा। हर महीने 35 रुपये का मिनिमम Recharge मोबाइल टैरिफ शुरू करने और डेटा यूज बढ़ने के कारण ऐसा होगा।’
इंडस्ट्री को भी उम्मीद
इंडस्ट्री के लोगों ने भी टर्नअराउंड की उम्मीद जताई है। कुछ ने पहले के मुकाबले मार्केट के ज्यादा स्टेबल होने का अनुमान दिया है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल राजन एस मैथ्यूज ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि बहुत ज्यादा गलाकाट प्राइसिंग जारी रहेगी। मार्केट में स्टेबिलिटी लौटने की उम्मीद है।’
सभी कंपनियों की सुधरेगी हालत
फिच ने सभी दूरसंचार कंपनियों की वित्तीय हालत सुधरने की उम्मीद जताई है। उसने कहा कि टॉप तीन कंपनियों का फोकस एक बार फिर प्रॉफिटेबिलिटी पर आ सकता है। उसने कहा कि इनके रेवेन्यू मार्केट शेयर 30-33 प्रतिशत के आसपास बनने हुए हैं।
वैल्यू ऐडेड सर्विसेज की बंडलिंग
इस सेक्टर पर नजर रखने वालों ने कहा कि जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया म्यूजिक, मूवी, स्पोर्ट, ई-कॉमर्स और फाइनैंशल सर्विसेज सरीखी वैल्यू ऐडेड सर्विसेज की बंडलिंग कर सकती हैं ताकि डेटा कंजम्पशन बढ़ने के बीच टैरिफ बढ़ाए जा सकें।
एयरटेल को 11 तिमाहियों के बाद मुनाफा
एयरटेल का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट चौथी तिमाही में साल दर साल आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर 107.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसमें वन-टाइम गेन का भी योगदान रहा। दिसंबर तिमाही में इसका कंसॉलिडेटेड नेट प्रोफिट 86.2 करोड़ रुपये था। लगातार 11 तिमाहियों तक गिरावट जारी रहने के बाद कंपनी का यह आंकड़ा बढ़ा।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *