गोल्‍फर अदिति ने भारत के लिए टोक्यो ओलिंपिक में मेडल की उम्मीदें बढ़ाई

नई दिल्‍ली। तोक्यो ओलिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों का सरप्राइज प्रदर्शन जारी है। सारी नजरें जहां हॉकी और कुश्ती के मुकाबलों पर टिकी थीं उस बीच एक खिलाड़ी ऐसी भी रही जो चुपके से काम करते हुए मेडल के बेहद करीब पहुंच गई है। शुक्रवार को अदिति ने भारत के लिए तोक्यो ओलिंपिक में मेडल की उम्मीदें बढ़ा दीं। तीसरा राउंड खत्म होने के बाद वह दूसरे स्थान पर बनी हुई हैं।
तीसरे राउंड में भी अच्छा प्रदर्शन
अदिति अशोक ने तीसरे राउंड में थ्री-अंडर 67 का स्कोर बनाया। तीसरा राउंड खत्म होने के बाद वह दूसरे स्थान पर बनी हुई हैं। वह इस खेल में भारत की पहली ओलिंपिक पदक विजेता बन सकती हैं।
दूसरे स्थान पर हैं अदिति
अदिति ने तीन राउंड खत्म होने के बाद 12-अंडर 201 का स्कोर बनाया है। वह दूसरी पोजिशन पर इकलौती गोल्फर हैं। वह चोटी पर चल रहीं अमेरिका की नैली कोर्दा से तीन स्ट्रोक पीछे हैं उन्होंने तीसरे राउंड में टू-अंडर 69 कास्कोर बनाया। चार खिलाड़ियों- न्यूजीलैंड की लैडिय कू (66) ऑस्ट्रेलिया की हैना ग्रीन (67), डेनमार्क की क्रिस्टीन पेडरसन (70) और जापान की मोनी इनामी (68)- तीसरे स्थान पर हैं। यह अदिति का दूसरा ओलिंपिक है। 2016 के रियो ओलिंपिक में वह 41वें स्थान पर रही थीं।
हैरान करने वाला हो सकता है पदक
अदिति ओलिंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। यह भारत के लिए तोक्यो से एक सरप्राइज मेडल हो सकता है। कोई भी शायद यहां से पदक की उम्मीद नहीं लगाए बैठा होगा। कासुमिगासेकी कंट्री क्लब हाउस पर उन्होंने हैरान करने वाला प्रदर्शन किया है।
मौसम भी दिला सकता है मेडल
अदिति का दुनिया में रैंक 200 है। इसके बाद तोक्यो में उनका प्रदर्शन और भी सरप्राइज करता है। 2016 रियो उनका पहला ओलिंपिक था। वह रियो ओलिंपिक में पहुंची सबसे युवा गोल्फर थीं। तब हालांकि उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था वह 41वें स्थान पर रही थीं। कल तूफान की संभावना है और अगर ऐसा होता है तो अदिति को सिल्वर मेडल मिल सकता है।
भारत की बेस्ट महिला गोल्फर
बेंगलुरु की रहने वालीं अदिति भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला गोल्फर कही जा सकती हैं। वह यूरोपियन टूर जीतने वाली पहली महिला गोल्फर हैं। वह पांच साल की थीं जब उन्होंने गोल्फ खेलना शुरू किया। उस समय वह अपने परिवार के साथ एक रेस्तरां में खाना खा रही थीं। करीब के एक कोर्स से चीयर सुनकर वह इस खेल के लिए आकर्षित हुईं। हालांकि ओलिंपिक में कोई फैंस नहीं हैं ऐसे में गेम्स के वॉलंटियर्स को खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने को कहा गया है।
-एजेंसियां

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