श्रीकृष्‍ण जन्मस्थान पर सुवर्ण आभायुक्‍त रत्नजड़ित बंगला होगा Attraction का केंद्र

रत्नप्रतिकृति जड़ित सुवर्ण आभा बंगला के Attraction को बनाने में लगे हैं कोलकाता के हस्‍तशिल्‍पकार

मथुरा। श्रीकृष्‍ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा मनाए जा रहे विश्‍वप्रसिद्ध जन्‍माष्‍टमी पर्व की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, जिसके अंतर्गत भागवत भवन में बनाया जा रहा रत्नप्रतिकृति जड़ित सुवर्ण आभा बंगला सर्वाधिक Attraction का केंद्र बनेगा।

रत्नप्रतिकृति जड़ित सुवर्ण आभा बंगला के संबंध में जानकारी देते हुये श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि न्यास के सचिव श्री कपिल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भागवत भवन में सुवर्ण आभा बंगला हस्तशिल्प कला का एक उत्कृष्‍ट नमूना होगा। अत्यन्त सुन्दर पच्चीकारी नक्काशीयुक्त बंगले की सज्जा में रत्न प्रतिकृति जड़ी जायेंगी जो इसकी छटा को नयनाभिराम बनायेंगी। लगभग तीन माह से इस बंगले की डिजाइन एवं व्यवस्थाऐं चल रही हैं और यह बंगला आगामी 02 सितम्बर की सायं तक पूरी तरह से तैयार हो जायेगा।

श्री शर्मा ने बताया कि इस बंगले को तैयार करने के लिए हस्तशिल्पी विशेष रूप से कोलकाता से आये हैं। बंगले की सज्जा में काष्‍ठ, पत्र-पुष्‍प, थर्मोकॉल, वस्त्र, रत्न प्रतिकृति का उपयोग किया जा रहा है। बंगले की साज-सज्जा में एवं ठाकुरजी के श्रंगार में ब्रज के पुष्‍पों का उपयोग तो होगा ही साथ ही कोलकाता, बैंगलुरु से भी पुष्‍प मंगाये जा रहे हैं।

बंगले का संयोजन और स्थापन इस प्रकार किया जा रहा है कि सुवर्ण आभा बंगले में विराजमान श्रीठाकुरजी के दर्शन में कोई अवरोध न हो साथ ही मंदिर की वास्तु में भी कोई बदलाव प्रतीत न हो। भागवत भवन की सज्जा भी बंगले अनुरूप की जा रही है जिससे संपूर्ण भागवत भवन में एक स्वर्णिम छटा बिखरेगी। यह दर्शन और बंगले का स्वरूप निष्चित रूप से अभूतपूर्व व नयनाभिराम होगा।

श्री शर्मा ने आगे बताया कि कोलकाता के प्रसिद्ध हस्तशिल्पकार अजीत घोरी एवं मथुरा के हेमन्त अग्रवाल के निर्देशन में दीपक पात्रा एवं चन्दन मुख्य रूप से अपने सहयोगियों के साथ ठाकुरजी के इस अद्भुत बंगले के निर्माण में दिन-रात लगे हुऐ हैं।

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