बिना भाव के भगवान कीमती चीजों को भी ग्रहण नहीं करते: पं० राजेश शास्त्री

सत्य के मार्ग पर चलने वाले के साथ होते है स्वयंं ईश्वर
आगरा। मानव संसारिक पदार्थो में फंसकर परमात्मा को प्राप्त नहीं कर सकता। जब तक संसार की नश्वर वस्तुओं से मन विरक्त नहीं होता, ज्ञान आंखें नहीं खोलता। संसार में मानव की यही तो असली परीक्षा है। भोग विलास का त्याग कर जो परमात्मा को देखता है, वही भक्तिपथ पर आगे बढ़ पाता है ये कहना था प्रताप नगर स्थित श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर (बुर्जीवाला) पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में पं० राजेश शास्त्री का | छंटवे दिन महारास लीला, उद्धवचरित्र एंव रुक्मणी विवाह का वर्णन किया गया| भागवत कथा के छंटवे दिन अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो० रामशंकर कठेरिया ने भी श्रद्धाभाव के साथ श्रीमद्भागवत कथा मे भक्तिरस का रसपान किया | रुक्मणि-कृष्ण विवाह का अत्यंत मार्मिक विवरण श्रद्धालुओं के समक्ष व्यक्त किया। व्यास पं० राजेश शास्त्री ने कहा कि श्रीकृष्ण और रुक्मणिजी का विवाह अपने आप में अनूठा है। इस दौरान प्रभु को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन वे रुके या थके नहीं और अंततः उन्होंने रुक्मणिजी से विवाह किया। इस प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मनुष्य को कभी भी जीवन में रुकना या थकना नहीं चाहिए। जीवन सिर्फ और सिर्फ चलते रहने का नाम है। कथा के मुख्य यजमान विजय बंसल एंव सुनीता बंसल रहे वही, दैनिक यजमान महेश चन्द गोयल रहे| भक्तगण कृष्ण रासलीला और रुक्मणी विवाह के भजनो पर जमकर झूम उठे|
जैसे-जैसे भागवत कथा आगे बड़ती जा रही हैं व्यास गददी पर विराजमान पं० राजेश शास्त्री के मुखाबिंद से इस कथा को सुनने के लिये श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ा रहा है। उन्होने श्रोताओ को बताया कि बिना भाव के भगवान कीमती चीजों को भी ग्रहण नहीं करते। यदि भाव से एक फूल ही चढ़ा दें तो प्रभु प्रसन्न हो जाते हैं। जिस व्यक्ति में ईश्वर प्रेम का भाव पैदा हो जाए तो उसे ईश्वर की लग्न लगी रहती है और सत्य पक्ष पर चलने वाला कभी पीछे नहीं रहता। भगवान स्वयं उसके साथ होते हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से ब्रज मोहन बंसल, वीएस गर्ग, दिवाकर महाजन, अशोक कुमार अग्रवाल, नरेश जिंदल, बबलू बंसल, सतीश अग्रवाल, भरत गर्ग, संदीप गोयल, मनोज मंगल उर्फ भीम भाई, गौरव बंसल, अजय गोयल, टीटू गोयल, अनूप अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, शेफाली बंसल, वंदना अग्रवाल, स्नेहा गोयल, अनिल शाह, बॉबी महाजन आदि का सहयोग रहा|
भागवत कथा मेंं आज
मीडिया प्रभारी विमल कुमार ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथाज्ञान यज्ञ मे सातवे दिन रविवार को सुदामा चरित्र, श्री शुक्रदेव विदाई वर्णन के बाद श्रीमद्भागवत तथा श्रीव्यास पूजन किया जाएगा| कथा के समापन पर 28 मई को हवन के बाद सभी भक्तों को भोजन प्रसादी वितरित की जाएगी|

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