2030 तक तेजी से बदल सकती है वैश्‍विक शीर्ष अर्थव्‍यवस्‍था की स्थिति

भले ही आज अमेरिका और चीन दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में से हैं, लेकिन 2030 तक तेजी से स्थिति बदल सकती है। भारत और ब्राजील जैसे उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश विकसित देशों को टक्कर देते नजर आएंगे। ‘प्राइस वॉटर हाउस कूपर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक चीन उस वक्त भी करीब 2,437 खरब रुपये की इकॉनमी के साथ नंबर एक पर रहेगा, लेकिन उसके दबदबे में कुछ कमी आएगी। हालांकि पड़ोसी देश पाकिस्तान भारत के मुकाबले खासा पीछे होगा। जानें, किस नंबर पर होगा कौन सा देश…
आज पहले नंबर पर मौजूद अमेरिका चीन के मुकाबले खासा पिछड़ते हुए 1,505.65 खरब रुपये की इकॉनमी के साथ दूसरे नंबर पर रहेगा।
1,251 खरब रुपये की इकॉनमी के साथ भारत दुनिया में तीसरे नंबर की ताकत होगा। यह अंतर अमेरिका के मुकाबले बहुत अधिक नहीं है।
मौजूदा दौर में प्रमुख औद्योगिक देशो में शुमार जापान की इकॉनमी 359.51 खरब रुपये की होगी। यह अंतर भारत की तुलना में बहुत अधिक है। यानी भारत की स्थिति जापान के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत होगी।
जापान के बाद 347.86 खरब रुपये की अर्थव्यवस्था के साथ इंडोनेशिया 5वें नंबर पर होगा।
दुनिया की महाशक्तियों में शुमार रूस 303.35 खरब रुपये की अर्थव्यवस्था के साथ 6वें नंबर पर होगा।
विकसित देशों में शुमार जर्मनी 301.88 खरब की इकॉनमी के साथ 7वें नंबर पर रहेगा।
विकासशील देशों में गिना जाने वाले लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील 2030 तक 284.69 खरब रुपये की इकॉनमी के साथ 8वें नंबर पर होगा।
234.79 खरब रुपये की इकॉनमी के साथ मेक्सिको 9वें और कभी भारत पर राज करने वाले ब्रिटेन की इकॉनमी 233.31 खरब रुपये की इकॉनमी के साथ 10वें स्थान पर होगा।
भारत के प्रतिद्वंद्वी देश पाकिस्तान की बात करें तो वह दुनिया की 20वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। 2030 में पाकिस्तान की इकॉनमी 119.79 अरब रुपये के स्तर पर होगी। भारत के मुकाबले यह आंकड़ा बेहद कम है।
-एजेंसी