जी.एल. बजाज की exhibition को प्रदेश में तीसरा स्थान

मथुरा। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सिर्फ पठन-पाठन ही नहीं जन सरोकार के क्षेत्र में भी एक नजीर स्थापित कर रहा है। संस्थान द्वारा मथुरा जिले के दो गांवों को न केवल गोद लिया गया है बल्कि इन गांवों में यहां के प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं पहुंच कर स्वच्छता अभियान सहित अन्य विकासोन्मुख कार्य कर रहे हैं। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के सेवाभावी कार्यों और उसकी विकासोन्मुख exhibition को सराहते हुए गत दिवस लखनऊ में संस्थान के निदेशक डा. एल.के. त्यागी को डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक द्वारा प्रदेश में तीसरा स्थान मिलने पर पुरस्कृत किया गया।

ज्ञातव्य है कि डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान को तीन सितम्बर, 2019 को अपने जनपद के दो गांव गोद लेने के निर्देश दिए गए थे। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा ने विश्वविद्यालय के निर्देशों का पालन करते हुए कोकेरा और बझेड़ा गांव गोद लिये। संस्थान के आर्किटेक्ट योगेश यादव तथा प्रो. संचय गोयल के नेतृत्व में यहां के छात्र-छात्राएं प्रति सप्ताह इन गांवों में पहुंच कर ग्रामीणों को न केवल जागरूक कर रहे हैं बल्कि उन्हें अन्य मिलने वाली सुविधाओं से भी अवगत करा रहे हैं।

संस्थान द्वारा ग्रामीणों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें पॉलीथिन से होने वाले खतरों से भी लगातार आगाह किया जा रहा है। दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ में एक exhibition का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में सभी संस्थानों द्वारा गोद लिए गांवों में किए गए विकास और कल्याणकारी कार्यों की तस्वीरें और वीडियो प्रस्तुत किए गए थे। इस प्रदर्शनी में जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा को प्रदेश भर में तीसरा स्थान मिला है।

आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डा. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल और चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने संस्थान को मिले तीसरे स्थान पर खुशी जताते हुए इस सेवाभावी कार्य में लगे प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ ही जन-सरोकार के कार्यों में रुचि लेना युवा पीढ़ी का प्रमुख दायित्व है। गांवों की उन्नति से ही राष्ट्र का विकास सम्भव है लिहाजा इस कार्य में और तन्मयता से कार्य करने की जरूरत है।

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