जी. एल. बजाज के छात्रों ने सीखा इण्डस्ट्रियल shed डिजाइन करना

तृतीय वर्ष के छात्रों ने दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो सकने वाले इंडस्ट्रियल shed के बारे में खास जानकारी एकत्र की

मथुरा। जीएल बजाज ग्रुप आॅफ इंस्टीटयूूशंस के तृतीय वर्ष के छात्रों ने इण्डस्ट्रीयल शेड डिजाइन करने के तरीकों में रुचि दिखाई है। संस्थान के छात्र-छात्राओं ने इण्डस्ट्रीयल शेड से सम्बन्धित सवालों को स्पष्ट करने के लिए तीन अलग-अलग विभिन्न प्रकार के इण्डस्ट्रीज शेडों का अवलोकन किया। उन्होंने कुछ समय बाद शिफ्ट हो सकने वाले टीनशेडों के बारे में खास तौर पर जानकारी एकत्र की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के इण्डस्ट्रीयल टीन शेडों की विशेषताओं के बारे में गहनता से जाना। उन्होंने कुछ नए डिजाइन के टीन शेडों की संरचना को भी जाना। आर्किटेक्ट विभाग के छात्र-छात्राओं के मौके पर जाकर नए डिजाइन के इण्डस्ट्रीयल टीन शेडों के देखने और समझने से उनकी जिज्ञासा शांत हुई।

आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल बोले-अब आधुनिक शिफ्टेबिल इंडस्ट्रियल टीन शेडों का जमाना आया

औद्योगिक डिजाइन में विशेषज्ञ एवं संस्थान के विभागाध्यक्ष आर्किटेक्ट अनुराग बंसल ने विद्यार्थियों को इस डिजाइन एवं पोर्टल फ्रेम डिजाइन करने के विभिन्न प्रकार की संरचनाओं को साइट पर स्वयं साइट पर प्रत्यक्ष दिखाकर समझाया। उन्होंने बताया कि द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने कोसीकलां कोटवन स्थित इण्डस्ट्रीयल एरिया में टीन शेडों का अवलोकन किया। इन कम्पनियों में पायोनियर फूड एंड एग्रो इंडस्ट्री, पेलीकाॅन और चाॅकलेट की कम्पनी के टीन शेड शामिल रहे। विभाग के सहायक प्रो. अर्किटेक्ट योगेश यादव एवं आर्किटेक्ट अरिहन्त कुमार ने विद्यार्थियों के सवालों का स्पष्टता से व्याख्या की। विद्यार्थियों का डिजाइन को समझने को उचित तरीके से समझाया। विद्यार्थियों का डिजाइन को समझने में मार्गदर्शन भी किया। डीन अश्विनी शिरोमनी का कहना है कि विद्यार्थियों की किसी विषय पर पुस्तकों से पढने के साथ-साथ प्रत्यक्षता में देखने से ज्यादा विकसित होती है।

आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि इंडस्ट्रियल टीन शेड परम्परागत तरीकों से बनने बंद हो गए हैं। अब आधुनिक तरीके शिफ्टेबिल इंडस्ट्रियल टीन शेड का जमाना आ गया है। किसी इंडस्ट्री के दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने पर इंडस्ट्रियल टीन शेड बिना किसी तोड फोड के नट बोल्टों को खोलकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने की तकनीक उपयोग की जाने लगी हैं। ऐसी तकनीकें विकसित कर उपयोग की जानी चाहिए।

 

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