GL Bajaj के छात्रों ने PM के आह्वान पर कौकेरा में बिताए 100 घंटे

युवा मामले और खेल मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्वच्छता के 100 घंटे के अभियान में GL Bajaj ने मथुरा के कोकेरा गांव को गोद लेकर लोगों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

मथुरा। जनपद के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान GL Bajaj के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक नागरिक खास तौर पर युवाओं के स्वच्छता के लिए 100 घंटे देने के अभियान के आहृवान को अपने अध्यापकों की प्रेरणा से स्वीकार किया है। इसके तहत उन्होंने जनपद के कौकेरा गांव को गोद लिया। इसके तहत गांव प्रधान के सहयोग से गंदगी और पाॅलीथिन के खिलाफ जनजागरुकता फैलाने को शौचालयों पर चित्रकारी और भित्ति लेखन किया। गांव में 80 छात्र-छात्राओं को अध्ययन के प्रति रुचि बढाने को कापी और पुस्तकें वितरित कीं। आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि हर नागरिक को स्वच्छता और शिक्षा के प्रति जागरुक होना होगा। छात्र-छात्राओं का कौकेरा गांव में जाकर जन जागरुकता फैलना राष्ट्र सेवा ही है। ऐसा कार्य हर शिक्षण संस्थान को करना चाहिए।
GL Bajaj ग्रुप आफ इंस्टीटयुशंस के निदेशक डा. एलके त्यागी ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने प्रत्येक व्यक्ति से एक वर्ष में स्वच्छता के लिए 100 घंटे समर्पित करने का आह्वान किया था। इसे ध्यान मे रखते हुए युवा मामले तथा खेल मंत्रालय व मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से पेयजल व स्वक्ष्छता मंत्रालय ने स्वच्छ भारत ग्रीष्म कार्यक्रम के शुरूआत की गई। जिसकेी अवधि 01 मई से 31 जुलाई 2018 तक निर्धारित की हुई। इस स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने एवं गाॅवों को स्वच्छ बनाने के लिए जी.एल.बजाज ग्रुप आॅफ इन्स्टीट्यूशंस, मथुरा के छात्रों ने कोकेरा गांव में लोगांे को घर-घर जाकर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। सबसे पहले इन छात्रों ने ग्राम प्रधान के साथ मिलकर एक बैठक की। बैठक में गाॅंव के सभी तबके के पुरूष, महिला एवं स्कूली बच्चांे ने भाग लिया। इससे युवाओं की संख्या सराहनीय रही। बैठक में विभिन्न मुददों पर विचार-विमर्श हुआ। छात्रांे ने यह भी जाना की वे स्वच्छता के प्रति कितने जागरूक हैं, तो पाया गया कि सभी स्वच्छ वातावरण मंे रहना चाहते हैं, लेकिन जो गंदगी गांव में व्याप्त है। उसके लिए जिम्मेदार कोई दूसरा नहीं है।
GL Bajaj के छात्रों ने गाॅव वासियांे को समझाया कि हम लोग हमेशा गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के लिए दूसरों को दोषी मानते हैं। जबकि इसके उत्तरदायी हम ही हैं। हममें से प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी स्वयं ले तो इस दूषित वातावरण को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। छात्रांे की टीम ने महिला एवं स्कूली बच्चों को स्वच्छता के अनेक टिप्स दिये। जैसे महिलाओं को खास सावधानी व स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बनाऐं। घर में गाॅंव के दुकानदार व निवासियांे की पाॅलिथिन का प्रयोग न करने के लिए जागरूक किया। पाॅलिथिन से होने वाली हानियों को समझाया। पाॅलिथिन को न तो जलाये और न फेंकें। इसमे ऐस हानिकारक तत्व होते जो मानव के लिए जान लेवा हो सकते है। जैसा कि आपको मालूम हॅै कि यह न तो सडती है और न ही नष्ट होती हे। बाहर इधर-उधर फेंकने पर जानवर खा लेते हैं। जो कि उनके लिए कभी-कभी तो जान लेवा बन जाती है। यह नाॅलियों को चोक भी कर देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के स्वच्छ भारत अभियान में गाॅवों में शौचालय बनवाने का भी है। उन्हांेने सम्पूर्ण भारतवर्ष में शौचालयांे का निर्माण कराया है। विद्यालय कीं टीम ने दीवारों पर पेंटिंग बनाकर स्वच्छता के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया। छात्रो ने गाॅव के शौचालयांे और दीवारों पर स्वच्छता के अलग-अलग पेन्टिंग बनाकर जागरूक किया। इस सम्पूर्ण कार्य को एक अभियान के तहत किया गया। जनजागरुकता अभियान में सभी गाॅव वासियो का पूर्ण सहयोग मिला। जीएल बजाज के नाॅडल आफिसर प्रो. विश्वनाथ परमार व मेम्बर प्रो. योगेश यादव तथा प्रो. पीयूष पन्त के साथ प्रतिभागी टीम लीडर वीरेन्द्र सिंह, बीटेक तृतीय वर्ष एवं टीम मैम्बर गोरी गुप्ता, शुभी श्रीवास्तव, कौशल कुमार, उमा गोस्वामी, अजय मित्तल एवं आदित्य प्रताप सिंह गौड आदि के योगदान को गाॅव वासियों ने सराहा। छात्रों की टीम ने एक बहुत अच्छा कार्य शिक्षा के लिए भी किया। 80 बच्चों को काॅपी, किताब, पंेसिल, आदि बाॅटी गई। गरीब माॅ-बाप को शिक्षा की जरूरत के बारे में समझाया। जो बच्चे काम करने के लिए जाते थे। उनको पढने के लिए प्रोत्साहित किया। गाॅव के ही कुछ युवाओ ने इस कार्य में खुश होकर एक फ्री ट्यूशन सेन्टर खोला। जिसमें आज करीब 50 से ज्यादा बच्चे पढने आ रहे है। फ्री ट्यूशन कक्षाए गाॅव की रहने वाली वर्षा कुमारी व अमित आर्य अपने घर पर चला रहे है। इसका कार्य बडा सराहनीय है। जैसा कि सभी जानते है कि शिक्षित बच्चा एक अच्छा जिम्मेदार अच्छा जिम्मेदार अपने व्यवहार व सह कार्य से सहज होगा जो कि आज की जरूरत है।

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