एकेटीयू में जीएल बजाज के Digital Majdoor एप ने मचाई धूम

मथुरा। जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीटयुशंस में बीते दिवस digital Majdoor अवधारणा यानी कि प्रोजेक्ट पर कार्यरत छात्र वीरेंद्र कुमार का गाजियाबाद मेें मिले सम्मान के बाद बीते दिवस संस्थान के निदेशक डा. एलके त्यागी ने भी संस्थान में अभिनंदन किया। इसके साथ ही आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने वीरेंद्र कुमार की गुहार पर डिजीटल मजदूर के पंजीकरण को बतौर मदद उसे 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की।

एकेटीयू कलाम स्टार्टअप परिक्रमा-2018 के तहत एबीईएसआईटी में आयोजित स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता में वीरेंद्र कुमार के digital Majdoor ने मचाई धूम, जीएल बजाज में चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने अभिनंदन के बाद दी पच्चीस हजार रुपये की मदद

संस्थान के निदेशक डा. एलके त्यागी ने सम्मान के बाद कहा कि गाजियाबाद के एबीईएसआईटी में एकेटीयू कलाम स्टार्टअप परिक्रमा-2018 में आयोजित स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता में वीरेंद्र कुमार के डिजीटल मजदूर ने विभिन्न कालेजों के प्रोजेेक्टों को पछाड कर पहला स्थान और 10 हजार रुपये का पुस्कार प्राप्त किया है। जो कि जीएल बजाज के लिए भी गौरव की बात है।

गाजियाबाद के एबीईएस से लौटे वीरेंद्र कुमार ने बताया कि एकेटीयू की ओर से आयोजित स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता में लगभग 200 विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट शामिल हुए। इनमें से दूसरे स्थान पर स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट ने पांच हजार रुपये और तीसरे स्थान पर मेजबान कालेज एबीईएस के मेधावी छात्र के स्मार्ट शाॅप सिस्टम को मिला। उसने बताया कि उसे डिजीटल मजदूर का आइडिया कालेज आते समय कृष्णापुरी चैराहे पर खडे मजदूरों को देखकर आया। उ

सने बताया कि क्योंकि उसके पिता खुद एक मजदूर हैं तो मजदूरों को काम मिलने की परेशानियों से वह बेहतर तरीके से वाकिफ है। इसी से वह चाहता है कि मजदूर डिजीटल रुप से अपना प्रोफाइल नेट पर डाल कर अपनी इस समस्या का समाधान पा सकते हैं। जहां उन्हें काम मिलने में सहूलियत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर लोगों को काम के लिए अच्छा मजदूर ढूंढने में भी आसानी होगी। वे प्रोफाइल पर मजदूर की फोटो, उसकी योग्यता और मोबाइल नंबर से उसकी सेवाएं लेने में सहूलियत महसूस करेंगे।

आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज सिंह और एमडी मनोज अग्रवाल ने जीएल बजाज के छात्र वीरेंद्र कुमार को बधाई और 25 हजार रुपये की धनराशि देते हुए कहा कि digital Majdoor अवधारणा अपने आप में न केवल मजदूरों के हित में है, अपितु ये नियोक्ता जनता के हित में भी है। जो सरकार के डिजीटिलाइजेशन की दिशा में बेहतरीन कदम कहा जा सकता है। एकेटीयू ने छात्र के प्रोजेक्ट को अव्वल दर्जा देकर छात्र वीरेंद्र कुमार को प्रोत्साहित किया है।

उन्होंने कहा कि देश भर के सभी संस्थानों को ऐसे छात्र-छात्राओं को उनके नवोन्मुखी प्रोजेक्टों के लिए न केवल प्रोत्साहित करना चाहिए अपितु उनके मनोबल को उच्च करने के लिए हर संभव सहायता संस्थान प्रबंधनों को देनी चाहिए।

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