Ghatkopar विमान हादसा: खराब हालत के बावजूद उड़ान की इज़ाजत क्‍यों दी गई

नई दिल्‍ली। मुंबई के Ghatkopar में गुरुवार को एक चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। मारे गए पांच लोगों में शामिल प्लेन की रखरखाव इंजीनियर सुरभि गुप्ता ने अपने पिता को फोन पर बताया था कि वह ‘खराब विमान’ में उड़ान के लिए जा रही हैं। सुरभि ने प्लेन पर जाने से पहले अपने पिता से बात की थी। उन्होंने सुबह अपने पिता को फोन कर के विमान की खराब हालत के बारे में बताया था। वहीं मुंबई के प्लेन क्रैश में कोपायलट मारिया जुबैरी की मौत की खबर दोपहर बाद रानीमंडी स्थित उनके आवास पर पहुंची तो मातम मच गया। उनकी अम्मी फरीदा ने बताया कि एक दिन पहले ही मारिया ने फोन पर उनसे बात की थी। उन्हें क्या मालूम था कि यह बेटी से उनकी आखिरी बात है।

सुरभि ने बताया था कि विमान की हालत बहुत खराब है..

सुरभि के पिता एस पी गुप्ता ने सोनीपत में अपने घर पर संवाददाताओं को बताया कि हमारी कल सुबह फोन पर बात हुई थी। रोजाना की बातचीत के दौरान उसने बताया कि वह बदतर हालत वाले विमान में कुछ देर बाद उड़ान भरेगी। उसने बताया कि विमान की हालत बहुत खराब है…।

पिता ने आश्चर्य जताया कि ठीक हालत में नहीं होने के बावजूद उड़ान भरने की अनुमति किसने दी। हालांकि, गुप्ता ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस घटना के बाद अधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय जांच की जाएगी जिससे यह पता चल सके इस हादसे के लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं। सुरभि की पिछले साल ही शादी हुई थी और उसके पति भी पायलट हैं।
हाल में महाराष्ट्र सरकार ने बहादुर युवा महिला के तौर पर सुरभि का सम्मान किया था। बता दें कि मुंबई के घाटकोपर में गुरुवार को 12 सीट वाला चार्टर्ड प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिससे उसमें सवार दो पायलट और दो रखरखाव इंजीनियर की मौत हो गई। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति की मौत हुई थी।

Ghatkopar मुंबई में हादसा, इलाहाबाद में मातम

मारिया की 13 साल की बेटी जैनब ने फोन करके रोते हुए नानी फरीदा को यह मनहूस खबर दी तरो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके रोने पर घर के बाकी लोग पहुंचे। मारिया के अब्बा डा. इकबाल उस समय अपनी क्लीनिक में थे। घरवालों ने फोन करके उन्हें मारिया की मौत की खबर दी तो वह आननफानन में घर पहुंचे। खबर पाकर आसपास वाले और जानने वाले पहुंचे। लोगों ने परिवार की हिम्मत बढ़ाई।

शुरू से सबका ख्याल रखती थी मारिया

डॉ. इकबाल ने कहा कि मारिया शुरू से ही बड़ी होशियार और सबका ख्याल रखने वाली थी। सेंट मैरीज से दसवीं पास करने के बाद उसने क्रॉस्थवेट से इंटर की पढ़ाई की। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मारिया ने बीएससी की पढ़ाई की। बीएससी करने के बाद रायबरेली के फुर्सतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से पायलट की ट्रेनिंग ली। मारिया की शादी मुंबई में फिल्म् प्रोडक्शन का काम करने वाले आमिर हुसैन रिजवी से हुई थी। उनकी एक बेटी जैनब (13) है।

तीन बहनों और एक भाई में बड़ी थी मारिया

डॉ. इकबाल के चार बच्चों में तीन बेटियां मारिया, कुलकून और बारबरा तथा एक बेटा राहिल हसन जुबैरी है। मारिया और बारबरा मुंबई में रहती थीं। बारबरा श्यामक डावर के साथ काम करती हैं। जबकि कुलकून शारजाह विश्वविद्यालय में मैनेजमेंट की प्रोफेसर हैं। बेटा राहिल दुबई में सिटी बैंक में कार्यरत है। Ghatkopar विमान हादसेे मेें बहन की मौत की खबर पर शारजाह से कुलकून और दुबई से राहिल मुंबई के लिए रवाना हुए।
-एजेंसी

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