Gestro प्राब्लम का इलाज कराएं अब केडी हास्पीटल में

Gestro प्राब्लम जैैैसे छोटी आंत, बडी आंत, ग्रासनली, तिल्ली, आमाशय, पित्त की नली और थैली में टयूमर या सूजन, तेजाब से जली आंतों का इलाज और आॅपरेशन कराने को दिल्ली-आगरा जाने की नहीं जरुरत

मथुरा। क्या आपको छोटी आंत, बडी आंत, ग्रासनली, तिल्ली, आमाशय, पित्त की नली और थैली में टयूमर या सूजन होने से परेशानी है। जहर या तेजाब से जली आंतों का इलाज कराने की जरुरत है। मलद्वार से खून आना, मस्सा होना, मवाद आना, वजन कम होने जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं। यदि आपको इन रोगों के लिए Gestro सर्जन से आॅपरेशन कराने का परामर्श दिया गया है, तो फिर आपको दिल्ली या आगरा आॅपरेशन या इलाज के लिए जाने की आवश्यकता नहीं है।

मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में दूरबीन या ओपन विधि से आॅपरेशन कर रहे सर गंगाराम हास्पीटल दिल्ली से सुपर स्पेशियेलाइजेशन इन गेस्ट्रो सर्जरी डिग्री धारक डा. सम्राट राय

मथुरा में मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल आप आकर अपना इलाज एवं दूरबीन या ओपिन विधि से आॅपरेशन सर गंगाराम हास्पीटल दिल्ली से सुपर स्पेशियेलाइजेशन इन गेस्ट्रो सर्जरी डिग्रीधारक डा. सम्राट राय से करा सकते हैं। उन्होंने बीते दिवस संत प्रणब दास को कुछ हजार रुपये के आॅपरेशन करके पेट में जलन और खट्ठी डकारों से मुक्ति दिला दी है। जबकि कार्पाेरेट हास्पीटलों में इसी आपरेशन की फीस डेढ से दो लाख रुपये वसूली जाती है।

डा. सम्राट रे ने संत प्रणब दास को कुछ हजार रुपये के आॅपरेशन करके पेट में जलन और खट्ठी डकारों से दिलाई मुक्ति, कार्पाेरेट हास्पीटल में इसी आपरेशन की फीस है डेढ से दो लाख रुपये
मल्टी स्परेशियेलिटी केडी हास्पीटल की आईपीडी में गौडीय मठ, मथुरा निवासी संत प्रणब दास ने बताया कि उसे खाना खाने के बाद खट्टी मिटठी डकारें आती थी। पेट में जलन भी होती थी। लेकिन कुछ महीनों में ये परेशानियां खाने के बाद भी पूरे दिन होती रहतीं। कभी-कभी भयंकर दर्द होता था। शुरु में स्थानीय चिकित्सकों की दवाएं कुछ फायदा करतीं मगर अब काफी दिनों से इन दवाओं से कोई फायदा नहीं हो रहा था। मठ में एक व्यक्ति के बताने पर संत प्रणब दास केडी हास्पीटल की ओपीडी में डा. सम्राट राय से मिला। उन्होंने अल्ट्रासाउंड और एंडोस्कोपी जैसी कुछ जांचें और कराईं। इसके बाद डा. सम्राट रे पे उन्हें बताया कि ग्रास नली और आमाशय के बीच स्थित वाल्व के ढीला पडने के कारण उन्हें डकारें, पेट में जलन जैसी शिकायतें हैं। इसे आपरेशन के द्वारा कहीं भी ठीक कराया जा सकता है। संत प्रणब दास की सहमति आॅपरेशन किया गया। अब वे अच्छी तरह से भोजन भी कर रहे हैं। आॅपरेशन टीम में गेस्ट्रो सर्जन डा. सम्राट राय, डा. जितेंद्र राना, एनेस्थिस्ट डा. मंजू सक्सेना, डा. शहनवाज, सहायक योगेश, और अंशुल शामिल रहे।

जटिलतम गेस्ट्रो आॅपरेशन कर ब्रजवासियों की सेवा की इच्छा-डा. सम्राट राय
मथुरा। सर गंगाराम हास्पीटल और नोयडा स्थित फोर्टिस हास्पीटल की लिवर ट्रांसप्लांट टीम के भूतपूर्व सदस्य डा. सम्राट रे ने केडी हास्पीटल की ओपीडी में मुलाकात के दौरान बताया कि ग्रासनली और आमाशय के बीच स्थित वाल्व के ढीला हो जाने पर आमाशय का तेजाब उपर आने लगता है। इसी को खट्ठी मीठी डकारे होती हैं। इसे गेस्ट्रो उसोफेजीयल रिफलेक्स डिजीज के नाम से पुकारा जाता है। डा. सम्राट रे ने बताया कि उन्होंने तीन घंटे के आपरेशन के दौरान ग्रासनली और आमाशय के बीच नया वाल्व बना दिया है। इससे तेजाब ग्रासनली की ओर में नहीं आ पाएगा।

केडी हास्पीटल में पाएं ‘न्यूनतम शुल्क पर बेहतरीन इलाज‘-डा. रामकिशोर अग्रवाल
मथुरा। आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि केडी हास्पीटल में एक ही कैम्पस और छत के नीचे हर रोगों के विशेषज्ञ मौजूद हंै। इससे आॅपरेशन के दौरान विशेषज्ञों की सेवा त्वरित रुप से प्राप्त होना स्वाभाविक है। ब्रजवासियों को ऐसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहिए। अब उनको दिल्ली या आगरा इलाज या आॅपरेशन के लिए जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है। केडी हास्पीटल में ही ‘ न्यूनतम शुल्क पर बेहतरीन इलाज‘ उपलब्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »