अवैध इमारतों पर GDA की कानूनी कार्रवाई शुरू, 84 अवैध इमारतें सील

गाजियाबाद। अवैध इमारतों पर GDA की कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। गाजियाबाद में इमारतों के गिरने के बाद प्रशासन द्वारा GDA के संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही किये जाने का परिणाम आज तब देखने को मिला जब 84 अवैध इमारतें सील कर दी गई हैं।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने रविवार को पांच मंजिला इमारत ध्वस्त होने के बाद मंगलवार से अवैध निर्मित इमारतों पर कानूनी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। इस दिशा में अभी तक 84 इमारतें सील की जा चुकी हैं।

जीडीए अधिकारी ने पहचान उजागर ने करने की शर्त पर बताया कि जीडीए नियमित रूप से उपयोग की जाने वाली सामग्री और भवनों के निर्माण की अवधि सहित विभिन्न मानदंडों के आधार पर भवनों की जांच करता है। अगर कोई इमारत हमारे मानदंडों पर खरी नहीं उतरती तो हम उसे सील कर देते हैं। अधिकारी ने कहा कि अवैध इमारतों को सील करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने रविवार को पांच मंजिला इमारत ध्वस्त होने के बाद मंगलवार से अवैध निर्मित इमारतों पर कानूनी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। इस दिशा में अभी तक 84 इमारतें सील की जा चुकी हैं।

जीडीए अधिकारी ने पहचान उजागर ने करने की शर्त पर बताया कि जीडीए नियमित रूप से उपयोग की जाने वाली सामग्री और भवनों के निर्माण की अवधि सहित विभिन्न मानदंडों के आधार पर भवनों की जांच करता है। अगर कोई इमारत हमारे मानदंडों पर खरी नहीं उतरती तो हम उसे सील कर देते हैं। अधिकारी ने कहा कि अवैध इमारतों को सील करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

जिले के डासना स्थित आकाश नगर में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में गाजियाबाद विकास प्राधिकारण (जीडीए) के 15 कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों पर महज 24 घंटे में मजिस्ट्रेटी जांच पूरी कर ली गई है।

जीडीए की वीसी रितु माहेश्वरी ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार सुपरवाइजर को तत्काल निलंबित कर दिया, जबकि छह अवर अभियंता और एक सहायक अभियंता पर कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की गई है।

मंडलायुक्त अनीता सी. मेश्राम ने सोमवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया। वह शाम करीब चार बजे घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने जिलाधिकारी से इमारत गिरने का कारण पूछा। डीएम ने बताया कि आठ महीने पहले निर्माणाधीन इमारत के बिल्डर को नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके पांच मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई। अपर जिलाधिकारी (राजस्व एवं वित्त) सुनील सिंह को सौंपी गई मजिस्ट्रेट जांच में जीडीए के 15 अधिकारियों को दोषी पाया गया, जिनकी लापरवाही से अवैध निर्माण किया जा रहा था।
-एजेंसी

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