मन्नान की शोक सभा में शामिल नौ छात्रों की जम्मू-कश्मीर पुलिस से डीटेल तलब

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में आतंकी मन्नान वानी के लिए नमाज-ए-जनाजा अदा करने की कोशिश का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को प्रत्र लिखकर उन नौ छात्रों की डीटेल मांगी है जो मन्नान के लिए आयोजित की गई शोक सभा में शामिल हुए थे। इतना ही नहीं, एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।
एसएसपी अलीगढ़ अजय कुमार साहनी ने बताया कि शनिवार को एक पत्र जम्मू-कश्मीर पुलिस को भेजा गया है। उनसे कहा गया है कि मन्नान के लिए शोक सभा का आयोजन करने वाले छात्रों की विश्वसनीयता, चरित्र और उनके क्रिया-कलापों की जांच का सत्यापन करें। एसएसपी ने बताया, ‘हम लोग इस बात की जांच करा रहे हैं कि इन आरोपी छात्रों का कोई आपराधिक रेकॉर्ड तो नहीं है। हो सकता है ये छात्र पहले किन्हीं राष्ट्र विरोध गतिविधियों में शामिल रहे हों। छात्रों का पारिवारिक बैकग्राउंड और उनके संपर्कों के बारे में भी जानकारी एकत्र कराई जा रही है। एक पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है जो पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी। ‘
दो छात्रों पर एफआईआर, सात को नोटिस
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को सोशल मीडिया में एएमयू का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में कुछ छात्र आजादी-आजादी चिल्लाते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो छात्रों वसीम अयूब मलिक और अब्दुल हफीज मीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इन दोनों छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं यूनिवर्सिटी अन्य सात छात्रों पीरजादा दानिश, एयाज अहमद भट, मोहम्मद सुल्तान खान, रकीब सुल्तान, सुम्मी उल्ला राठर, पीरजादा महबूबुल हक को नोटिस जारी करके उनसे 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है।
मानव संसाधन मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
मन्नान के मारे जाने के बाद आयोजित की गई इस शोक सभा को लेकर केंद्री मानव संसाधन मंत्रालय ने भी सख्ती दिखाई है। मीडिया में रिपोर्ट आने पर मंत्रालय की तरफ से एएमयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। एएमयू रजिस्ट्रार अब्दुल हामिद ने बताया कि यूनिवर्सिटी की तरफ से मानव संसाधन मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। इस रिपोर्ट में उन्हें सूचित किया गया है कि केस को लेकर एक जांच कमेटी बना दी गई है जो 72 घंटे के अंदर यूनिवर्सिटी प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। दो छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है और सात छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एनकाउंटर में मारा गया था वानी
बता दें कि सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में बुधवार को मन्नान सहित तीन आतंकियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। मन्नान वानी एएमयू का स्कॉलर रह चुका था और पढ़ाई के दौरान ही वह आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था। वानी के मारे जाने की खबर के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के केनेडी हॉल में लगभग 15 छात्र एकत्र हुए थे। उन्होंने वानी के लिए यहां नमाज पढ़नी शुरू की थी। इसी के बाद यह मामला गरमाया हुआ है।

नया ट्विस्ट
दूसरी ओर हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी मन्नान वानी के एनकाउंटर और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में उसकी शोक सभा आयोजित करने को लेकर चल रहे विवाद में एक नया ट्विस्ट सामने आया है। अब यहां के कई छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से बीते दो दिनों में छात्रों के खिलाफ की गई कार्यवाही वापस लेने को कहा है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो 12,00 कश्मीरी छात्र 17 अक्टूबर को सामूहिक रूप से अपनी डिग्रियां यूनिवर्सिटी प्रशासन को सरेंडर करके वापस आपने घर लौट जाएंगे। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कश्मीरी छात्रों के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है।
छात्रों ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो कश्मीरी छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। सात को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन अपनी की गई कार्यवाही वापस नहीं लेता तो हम सामूहिक तौर पर यूनिवर्सिटी छोड़ देंगे। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी के फाउंडर सर सैयद अहमद खान की जयंती है। इसी दिन 12,000 छात्र अपनी डिग्रियां वापस कर देंगे।
-एजेंसियां

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