मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में telescopic विधि से निकाला आंत का कैंसर

डा. मयंक माथुर की टीम ने तीन घंटे की मेहनत के बाद मेजर आॅपरेशन को telescopic विधि से दिया अंजाम

मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में डा. मयंक माथुर की टीम ने एक और करिश्मा करते हुए तीन घंटे की मेहनत के बाद मेजर आॅपरेशन को दूरबीन विधि से आंत मंे से कैंसर निकालने में कामयाबी हासिल की है। टीम ने कैंसर की गांठ को निकालने के लिए छोटी आंत को थोडा सा, बडी आंत यानी कि सीकम और ट्रांसवर्स काॅलम का एक तिहाई हिस्सा कैंसर वाला काटकर छोटी आंत को बडी आंत से फिर से जोड दिया है। टीम के अनुसार इससे अब बुजुर्ग महिला सावित्री देवी को पेट में दर्द की शिकायत से निजात मिल जाएगी।
मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के एसआईसीयू के वैटिंग रुम में मौजूद मरीज महिला सावित्री देवी उम्र.70 वर्ष के पुत्र ने बताया कि वे लोग कोसीकलां के निकट स्थित बठैन खुर्द के निवासी हैं। उनकी माताजी को दो-तीन साल से पेट में दर्द होने की शिकायत हो रही थी। आस-पास के छोटे-मोटे कई चिकित्सकों से दवा ली। कोई फायदा नहीं हुआ। कोसीकलां स्थित बीपीएल नर्सिंग होम में चिकित्सक को दिखाने पर उन्होंने अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट के आधार पर बताया कि मरीज की आंत में कैंसर की गांठें यानी कि टयूमर है। जिसका आॅपरेशन कराने पर ही दर्द बंद हो सकेगा। इसके बाद वे केडी हास्पीटल की ओपीडी में डा. मयंक माथंर से आकर मिले। उन्होंने जांचों के आधार पर आॅपरेशन कराने की सलाह दी। डा. मयंक माथुर ने बताया कि उनके साथ आॅपरेशन थिएटर में डा. वरुण सिसौदिया, डा. रवि माथुर, डा. संजीव सिंह, एनथिएस्ट डा. सोनी के साथ सहायक के रुप में योगेश कुमार, प्रियंका, पवन और राजेश कुमार मौजूद रहे।

भर्ती के समय हीमोग्लोबिन था मात्र तीन फीसदी-डा. माथुर
मथुरा। डा. मयंक माथुर ने बताया कि मरीज जब भर्ती हुआ तो उनके रक्त में हीमोग्लोबिन मात्र 03 प्रतिशत था। तीन यूनिट रक्त चढाकर हीमोग्लोबिन को मानक स्तर पर लाया गया। बीते दिवस मरीज की टर्मिनल इलियम, सीकम और अपेंडिक्स काॅलन और टांसवर्स काॅलन का एक तिहाई कैंसर वाला भाग काट कर छोटी और बडी आंत दोनों को आपस में जोड दिया गया है। इससे अब कैंसर की गांठें बाहर निकल जाने के चलते भविष्य में दर्द होने की कोई संभावना नहीं बची।

खर्चे की झिझक छोड telescopic विधि से कराएं आॅपरेशनः डा. रामकिशोर अग्रवाल
मथुरा। आरके एजुकेशनल हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि लेप्रोस्काॅपी विधि से आॅपरेशन करने से मरीजों को काफी सहूलियत होती है। आॅपरेशन के दौरान मात्र तीन टांके के बराबर पेट चीरने से खून कम बहता है। टांके कुछ ही दिन में ठीक हो जाने से मरीज को जल्दी छुटटी मिल जाती है। उन्होंने ब्रजवासियों से कहा कि वे खर्चे की झिझक दूर कर मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में telescopic विधि से आॅपरेशन कराएं।

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