गैंगरेप का आरोपी आसिफ मोहम्मद उर्फ आशु महाराज गिरफ्तार

नई दिल्ली। हौज खास गैंगरेप के आरोपी आसिफ मोहम्मद से ज्योतिष गुरु बना आशु महाराज आखिर पुलिस के शिकंजे में आ गया है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। हालांकि पुलिस न तो इसकी आधिकारिक पुष्टि कर रही है और न ही इससे इंंकार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक उसके खिलाफ मामला साउथ दिल्ली के हौज खास थाने में दर्ज है और उसे पकड़ा शाहदरा जिला के एएटीएस ने है इसलिए पकड़े जाने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी को लेकर संशय बना हुआ है। उधर, शाहदरा डिस्ट्रिक्ट पुलिस के एक आला अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में आसिफ मोहम्मद उर्फ आशु महाराज के पकड़े जाने की पुष्टि की लेकिन यह भी कहा कि उसकी गिरफ्तारी को लेकर अभी विचार-विमर्श चल रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शाहदरा डिस्ट्रिक्ट के एएटीएस ने सूचना के आधार पर आसिफ मोहम्मद उर्फ आशु महाराज को गाजियाबाद से खोजा। इसके बाद उसे शाहदरा लाया गया क्योंकि आशु के खिलाफ हौज खास थाने में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज है और शिकायतकर्ता अदालत के समक्ष 164 के बयान दर्ज करवा चुकी है इसलिए कानून की नजर में आशु आरोपी है। अब यह मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक जब उसे पकड़ा गया तो विचार किया गया कि उसे सीआरपीसी की धारा 41 के तहत गिरफ्तार करने के बाद संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया जाए, जैसा कि अमूमन किया जाता है। शाहदरा पुलिस अफसरों और क्राइम ब्रांच के आला अधिकारियों से बात की तो गिरफ्तारी को लेकर संशय की स्थिति बन गई। विचार-विमर्श इसे लेकर चल रहा है कि आशु को गिरफ्तार किया जाए या पुलिस द्वारा उसे नोटिस देने के बाद जो भी कानूनी कार्यवाही करनी है, वह की जाए।
महिला ने हौज खास में रहने वाले स्वयंभू ‘आशु गुरुदेव’ पर गैंगरेप, अप्राकृतिक यौनाचार और नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर आईपीसी की धारा 376डी, 354 और 506 के अलावा पॉक्सो ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। बता दें कि आशु भाई पर एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास में आश्रम बनाने वाला आशु बाबा नाम बदलकर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहा था। उसका नाम आसिफ है जो पंचर बनाने का काम करता था। नाम बदलकर वह आशु भाई बन गया और लोगों का भविष्य बताने का काम यानी ज्योतिषि का करने लगा।
सोमवार को पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से ही आसिफ खान फरार चल रहा है। 1990 से वह उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में ज्योतिषी के तौर पर काम करने लगा। देखते ही देखते उसके तमाम अनुयायी हो गए थे। कुछ समय बाद आसिफ खान ने अपनी दुकान बंद कर दी और नाम कमाने के लिए टेलिविजन चैनलों के संपर्क में आया। टीवी कार्यक्रमों में वह लोगों के बैड लक को खत्म करने का दावा किया करता था।
-एजेंसियां

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