गैजेट्स: जिनकी मदद से रख सकते हैं अपने घर को सुरक्षित

अपने घर की मजबूती के अलावा उसे अन्य शरारती तत्वों से भी बचाना जरूरी होता है। हम आपको बता रहे हैं ऐसे गैजेट्स जिनकी मदद से रख सकते हैं अपने घर को सुरक्षित…
वीडियो डोर फोन
यह डिवाइस वाई-फाई के जरिए आपके स्मार्ट फोन से कनेक्ट हो जाता है। आप घर में हो या नहीं, अगर घर के बाहर कोई आता है तो यह डिवाइस सिग्नल भेजकर आपको बता देता है कि बाहर कोई आया है। अगर आप घर में नहीं हैं तो भी आप उस शख्स से विडियो कॉल के जरिए बात कर सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि आप अपने फोन पर उसे देख सकते हैं, लेकिन वह सिर्फ आपकी आवाज ही सुन सकता है। इसके जरिए दरवाजे को खोला भी जा सकता है।
स्मार्ट लाइट
ये एलईडी बल्ब होते हैं, जो ब्लूटूथ या इंटरनेट से चलते हैं। ब्लूटूथ वाली लाइट मोबाइल के जरिए सिर्फ 30-40 मीटर तक ही कंट्रोल हो सकती है, वहीं इंटरनेट वाली लाइट्स राउटर के जरिए मोबाइल से कनेक्ट होती हैं। इन्हें कंट्रोल करने के लिए ऐप की जरूरत होती है। इसके लिए मोबाइल में इंटरनेट कनेक्शन जरूरी है जबकि साथ ही राउटर को भी इंटरनेट से कनेक्ट करना जरूरी है।
होम सेफ
यह आधुनिक जमाने की सेफ है, जो न तो किसी चाबी से खुलती है और न ही इसे खोलने के लिए किसी पासवर्ड की जरूरत है। यह सिर्फ आपके फिंगरप्रिंट से ही खुलती है। स्टील की बनी यह सेफ काफी मजबूत होती है, इसलिए इसे काटना आसान नहीं है। अगर आपके अलावा कोई दूसरा अपने फिंगरप्रिंट से इसे खोलने की कोशिश करता है तो यह सेफ 15 मिनट के लिए फ्रीज हो जाती है।
होम अलार्म सिस्टम
अगर कोई आपकी गैर-मौजूदगी में घर में घुसकर खिड़की, दरवाजा या ड्रॉअर खोलने की कोशिश करता है तो यह डिवाइस स्टोर्ड नंबर पर मेसेज भेजकर अलर्ट कर देता है। साथ ही जोर से हूटर बजाकर आस-पड़ोस के लोगों को भी सूचित कर देता है। अगर कोई शीशा तोड़ता है तो भी यह ऐक्टिव हो जाता है। इसे इंस्टॉल करना बहुत आसान है। यह वायरलेस के जरिए एक पैनल से कनेक्ट होता है और एक रिमोट से कंट्रोल होता है।
डिजिटल डोर लॉक
पहले ये लॉक सिर्फ इंडस्ट्री सेक्टर के लिए इस्तेमाल होते थे, लेकिन अब इनका घर में भी इस्तेमाल होने लगा है। यह डिजिटल लॉक किसी भी सामान्य दरवाजे पर लग सकता है। यह बैट्री से चलता है। इसमें 4 ऑप्शन होते हैं, पहला की-पैड, जिसके जरिए कोई भी पासवर्ड सेट कर दरवाजे को खोल सकते हैं। दूसरा, बायोमीट्रिक सिस्टम यानी फिंगरप्रिंट सिस्टम है, इसमें परिवार के जितने भी सदस्य हैं, उनकी अंगुलियों के फिंगरप्रिंट इसमें स्टोर हो सकते हैं। अगर कोई गलत तरीके से इसे खोलने की कोशिश करता है तो यह लॉक 10-15 मिनट के लिए फ्रीज हो जाता है और उसके बाद यह फिर से ऐक्टिव मोड में आ जाता है।
सीसीटीवी
CCTV यानी क्लोज्ड सर्किट टीवी कैमरे से आप घर की निगरानी कर सकते हैं। इससे घर में आने-जाने वालों पर निगाह रखी जा सकती है। आमतौर पर घर के बाहर पार्किंग या सीढ़ियों पर बुलेट कैमरा, घर के कॉमन स्पेस में डोम कैमरा और टेरेस पर बॉक्स कैमरे से नजर रखी जा सकती है। विडियो रेकॉर्डर का स्टोरेज स्पेस 500 जीबी से 1 टीबी तक काफी है। अगर घर में तीन से चार कैमरे लगे हैं तो 1 टीबी की स्टोरेज में 15-20 दिन तक रेकॉर्डिंग स्टोर हो सकती है।
-एजेंसी