संस्कृति के भावी इंजीनियरों ने देखी CIMMCO की कार्यप्रणाली

CIMMCO भरतपुर के शैक्षिक भ्रमण में सेंड ब्लास्टिंग और रेल इंजिनों की संरचना को समझा

मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल डिप्लोमा इंजीनियर्स के भावी इंजीनियरों ने अपने शैक्षिक भ्रमण में देश की प्रमुख कम्पनियों में शुमार भरतपुर (राजस्थान) में संचालित CIMMCO लिमिटेड की कार्यप्रणाली को देखने के साथ-साथ कम्पनी के विशेषज्ञों से विभिन्न प्रकार की लेंंथ मशीनों, रेलवे के विभिन्न प्रकार के गुड्स वैगन, सेंड ब्लास्टिंग और रेल इंजिनों की संरचना के बारे में जानकारी हासिल की।

अपने शैक्षिक भ्रमण में संस्कृति यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल डिप्लोमा इंजीनियर्स संकाय के द्वितीय वर्ष के छात्र भरतपुर में संचालित राजस्थान की प्रसिद्ध कम्पनी CIMMCO लिमिटेड के निदेशक आर.एन. तिवारी से मिले। श्री तिवारी ने छात्रों को कम्पनी के साथ ही अन्य सेवाभावी कार्यों की जानकारी दी। छात्रों को कम्पनी के वर्कशाप मैनेजर विजय मित्तल ने सेंड ब्लास्टिंग के विभिन्न तरीकों और उनकी उपयोगिता बताई। श्री मित्तल ने छात्रों को बताया कि अपनी स्थापना के बाद से ही CIMMCO लिमिटेड ने अपनी श्रम शक्ति को आधुनिकतम तकनीकी क्षमता से लैश किया है।

इस अवसर पर श्री मित्तल ने छात्रों के जिज्ञासा भरे प्रश्नों का समाधान भी किया। छात्रों ने वहां आधुनिकतम तकनीकी मशीनों को देखने के साथ रेलवे इंजिनों का बाॅॅडी निर्माण, विभिन्न प्रकार के गुड्स वैगनों की निर्माण प्रणाली, ट्रैैक्टरों का एसेम्बलिंंग कार्य, ट्रैैक्टर गियर बाॅॅक्स की एसेम्बलिंंग, विभिन्न प्रकार की लेंंथ मशीनों के साथ ही विभिन्न तरह की वेल्डिंग मशीनों की जानकारी हासिल की। असिस्टेंट प्रोफेसरों अजय अग्रवाल, समरेश तिवारी, रितिक चतुर्वेदी और विजय सिंह सिसौदिया की देखरेख में औद्योगिक भ्रमण से लौटे छात्रों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीकी और व्यावसायिक अध्ययन की दृष्टि से यह भ्रमण उनके लिए काफी उपयोगी रहा।

विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनिरिंग विसेंट बालू का कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए आधुनिकतम तकनीकी मशीनों की कार्यप्रणाली से अवगत कराना जरूरी है। छात्रों ने सिमको जाकर जो कुछ देखा और समझा है, उसका उन्हें लाभ मिलेगा।

कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि टेक्निकल कोर्सों के छात्रों के लिए इण्डस्ट्रियल विजिट का बहुत महत्व है। इसका उनके अध्ययन से भी गहरा सम्बन्ध है। इण्डस्ट्रियल विजिट से उन्हें व्यावसायिक और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। अतः हमारा प्रयास है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को अधिक से अधिक इण्डस्ट्रियल विजिट के मौके मिलें ताकि उन्हें भविष्य में रोजगार हासिल करने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने इण्डस्ट्रियल विजिट को जरूरी बताते हुए कहा कि पठन-पाठन के साथ ही यदि छात्र-छात्राओं को समय-समय पर व्यावहारिक ज्ञान भी मिलता रहे तो उन्हें अपने सपनों को साकार करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

कुलपति डा. राणा सिंह ने कहा कि छात्रों ने भरतपुर की सिमको लिमिटेड कम्पनी में जो भी तकनीकी ज्ञान हासिल किया है, उसका उन्हें गहन अभ्यास भी करना चाहिए। तकनीकी क्षेत्र में आज तरह-तरह के परिवर्तन हो रहे हैं लिहाजा छात्रों को अद्यतन जानकारी अवश्य होनी चाहिए।

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *