कोरोना के वैक्‍सीनेशन पर फोकस, सरकार ने टाला पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम

नई दिल्‍ली। कोविड वैक्‍सीन रोलआउट के बीच भारत सरकार ने राष्‍ट्रीय पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम को अगले आदेश तक टाल दिया है।
सरकार ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है मगर आदेश में ‘अप्रत्याशित गतिविधियों’ का जिक्र किया है। इस साल यह अभियान 17 जनवरी से शुरू होकर तीन दिन तक चलना था। इसके तहत, पांच साल से कम उम्र वाले बच्‍चों को पल्‍स पोलियो की ड्रॉप्‍स पिलाई जाती हैं। भारत में पोलियो का आखिरी मामला 10 साल पहले, पश्चिम बंगाल में सामने आया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था।
सिर्फ तीन देशों में बचा है पोलियो
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन के मुताबिक, पूरे दस साल पहले जनवरी 2011 में पश्चिम बंगाल में पोलियो वायरस का आखिरी मामला सामने आया था। WHO की वेबसाइट के अनुसार दुनियाभर में केवल तीन देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया में पोलियो पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है। आस-पास के देशों में पोलियो की मौजूदगी एक खतरनाक कारक है और प्रतिरक्षण से संबंधित राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने ऐसे कारकों पर अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ चर्चा की है।
16 जनवरी से शुरू होगा कोरोना टीकाकरण अभियान
कोविड-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू होने वाला है। केंद्र सरकार ने पहले चरण में लगभग 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने की योजना बनाई है। इसमें हेल्‍थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी अनुमानित संख्या लगभग तीन करोड़ है। इसके बाद, 50 साल से ज्‍यादा उम्र वालों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को टीका लगेगा। केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना टीकाकरण अभियान के चलते बाकी टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित नहीं होने चाहिए।
कोविड-19 के 15,968 नए मामले दर्ज
पिछले 24 घंटों में कोरोना के 15,968 नए मामले सामने आए हैं। बुधवार को जारी अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब देश में संक्रमण के मामलों की संख्या 1,04,95,147 हो गई है। इससे पहले, मंगलवार को देश में 12,584 नए मामले दर्ज किए गए थे जो बीते 7 महीनों में डेली केसेज का सबसे छोटा आंकड़ा था। इससे पहले 18 जून को 12,881 मामले दर्ज हुए थे। पिछले 24 घंटों में 202 मौतें हुईं हैं, जिसके बाद मरने वालों की कुल संख्या 1,51,529 हो गई है। पिछले 19 दिनों से देश में रोजाना 300 से कम मौतें दर्ज हो रही हैं।
-एजेंसियां

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