भगोड़े नीरव मोदी की ज़मानत याचिका लंदन में सातवीं बार ख़ारिज

नई दिल्‍ली। लंदन की एक अदालत ने एक बार फिर भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है. यह सातवीं बार है जब नीरव मोदी की ज़मानत याचिका ख़ारिज की गई है.
49 वर्षीय नीरव मोदी पर भारत सरकार ने अनुमानित दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं.
भारत सरकार की जाँच एजेंसियों ने नीरव मोदी पर दो मामले दर्ज किए हैं. पहला, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. दूसरा, प्रवर्तन निदेशालय ने उनके ख़िलाफ़ दर्ज कराया था जो मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है.
इसी साल फ़रवरी में भारतीय एजेंसियों ने ब्रिटेन से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था. ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल ने इसकी पुष्टि की थी.
नीरव इस मामले में अपने प्रत्यर्पण को रुकवाने के लिए भी अदालत में मुक़दमा लड़ रहा है, जिसकी अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी. दिसंबर में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर फ़ैसला आने की उम्मीद की जा रही है.
नीरव मोदी के मामले में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व ब्रिटेन का अपराध अभियोजन सेवा दल (सीपीएस) कर रहा है.
मार्च 2019 में अपनी गिरफ़्तारी के बाद से नीरव लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है.
-BBC

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