संस्कृति आयुर्वेदिक कॉलेज ने लगाया नि:शुल्क हेल्थ कैंप

छाता। ‘हेल्दी हिन्दुस्तान’ अभियान के अन्तर्गत संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल और हिन्दुस्तान समाचार-पत्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नि:शुल्क हेल्थ कैंप के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर इलाज किया। उन्होंने विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे भी बताए, साथ ही आयुर्वेदिक दवाओं का नि:शुल्क वितरण भी किया।

संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज ने लगाया नि:शुल्क आयुर्वेदिक हेल्थ कैंप, उमड़ी भीड़
संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज ने लगाया नि:शुल्क आयुर्वेदिक हेल्थ कैंप में उमड़ी भीड़

शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी छाता हनुमान प्रसाद मौर्य ने किया। उन्होंने हिन्दुस्तान समाचार पत्र और संस्कृति आयुर्वेद कॉलेज और अस्पताल की सराहना करते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा को आज सारा विश्व मान रहा है। कोरोना के चलते इसकी औषधियों की उपयोगिता और सफलता ने इसको जनसामान्य में और अधिक प्रचलित किया है। यह पद्धति हमारे ऋषि मुनियों की देन है। इसमें कई ऐसी घातक बीमारियों का इलाज संभव है जो किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में संभव नहीं है। इसी कारण आज लोगों में इसकी ओर रुझान बढ़ रहा है। ऐसे आयोजन से लोगों को लाभ तो होता ही है साथ ही उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेषज्ञों की नि:शुल्क सलाह भी मिल जाती है।

इससे पूर्व शिविर में मरीजों का पंजीकरण किया गया। बड़ी संख्या में छाता के वकीलों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। वकीलों के अलावा जनसामान्य ने भी अपने स्वास्थ्य की जांच कराने के साथ शिविर में मौजूद संस्कृति आयुर्वेद कालेज के चिकित्सकों से परामर्श लिया। शिविर में करीब 250 मरीजों ने नि:शुल्क ब्लड प्रेशर, ब्लड डायबिटीज, ईसीजी, बीएमआई आदि की जांचें कराईं। साथ ही असाध्य रोगों का आयुर्वेदिक उपचार एवं व्यायाम आदि के बारे में विशेषज्ञ चिकित्सक डा. हनुमंत निर्मल, डा. निधि सोनी, डा. हेमलता, डा. हेमंत, डा. कीर्ति मिश्रा एवं डा. राम कुमार, डा. उत्कर्ष सोनी, डा.प्रीती, डा. एकता कपूर आदि ने जानकारी दी।

ऐसे आयोजन बार-बार होने चाहिए
छाता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुंवर सुरेंद्र सिंह, सचिव हीरेंद्र सारस्वत,पूर्व सचिव ताराचंद्र दीक्षित के अलावा केके पाठक, सौरभ वार्ष्णेय, अजय सिंह यदुवंशी आदि ने कहा कि हिन्दुस्तान समाचार पत्र और संस्कृति विवि द्वारा सम्मलित रूप से आयोजित यह शिविर बहुत उपयोगी साबित हुआ है। तमाम लोगों की चिकित्सा जांच निशुल्क तो हुई है, बहुत से लोगों को उनके विकार की जानकारियां मिलीं। इन लोगों को योग्य चिकित्सकों ने न केवल निशुल्क औषधियां दीं वरन उनको उपयोगी मशविरे भी दिए। आयुर्वेद के महत्व को आज सभी जान गए हैं और आयुर्वेद की चिकित्सा में लोगों का विश्वास बढ़ा है। वकीलों ने कहा कि ऐसे उपयोगी शिवरों का आयोजन बार-बार होता रहना चाहिए।

मरीजों को दी आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी
हैल्थ शिविर में संस्कृति विवि के आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने मरीजों को आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी दी तथा इसके सेवन से होने वाले लाभ से अवगत कराया। बताया कि आयुर्वेदिक उपचार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। सर्दी के मौसम में हरी सब्जियां एवं मौसमी फलों का सेवन लाभकारी होता है। जो लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त पाए गए उन्हें आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में और उनके सेवन के बारे में विस्तार से बताया गया। मरीजों को बताया गया कि आयुर्वेद में बीमारी का जड़ से खात्मा किया जाता है, लेकिन इसके लिए चिकित्सक की परामर्श के अनुसार इलाज करना चाहिए और धैर्य रखना चाहिए।

कोविड-19 से बचने को आयुष काढ़ा लाभकारी
छाता। आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बताया कि वर्तमान में चल रहे कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए हमें मधुर अम्ल, लवण रसों का सेवन करना चाहिए। आंवला जूस, शहद, दूध, मक्खन, घी के अलावा गुनगुना पानी पीना लाभकर है। सर्दी, खांसी के लिए शीतोपलादी चूर्ण, तालिश आदि चूर्ण, बुखार में माह सुदर्शन चूर्ण, गिलोय घनवटी ले सकते हैं। कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए आयुष काढ़ा लाभकारी है। इसमें तुलसी, सौंठ, काली मिर्च, दालचीनी है। जाड़े में सौंठ और गुड़ का सेवन लाभकारी है। अपच के लिए सौंठ के साथ चीनी ले सकते हैं।

जोड़ों के दर्द में उपयोगी है आयुर्वेदिक चिकित्सा
वृंदावन के चिकित्सकों ने शिविर में मरीजों को बताया गया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा का अर्थराइटिस और पैरालिसिस जैसी बीमारियों के निदान में बड़ा योगदान है। हमारे अनियमित आहार से मल, मूत्र का समय से त्याग नहीं होता। समय से नहीं सोने और भोजन करने से भी अपच होती है। लकवा होने के पीछे भी यही कारण होते हैं। आयुर्वेदिक उपचार लाभकारी है।

त्वचा को स्थाई रूप से सुंदर बनाती हैं प्राकृतिक जड़ी बूटियां
छाता। आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बताया कि महिलाओं को सौंदर्य प्रसाधनों के रुप में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का प्रयोग करना चाहिए। विटामिन डी के लिए नियमित धूप लेनी चाहिए। घर पर ही केसर, चंदन, हल्दी, नीम, गुलाब जल से फेस पैक बना सकते हैं। रक्त शोधन के लिए मंजिष्ठा, खादिर, एलोवेरा का प्रयोग करना चाहिए। आयुर्वेद हर दृष्टि से उपयोगी है और इसकी औषधियों का मनुष्य पर कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

उप जिलाधिकारी छाता हनुमान प्रसाद मौर्य ने कहा क‍ि आयुर्वेद को बढ़ावा देने में हिन्दुस्तान और संस्कृति विवि का यह प्रयास सराहनीय है। आज के समय में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की ओर लोगों का रूझान भी बढ़ रहा है। ऐसे हैल्थ कैम्प प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सालय पद्धति को पुन: आगे बढ़ाने में काफी कारगर सिद्ध हो रहे हैं। यहां मैने भी अपना ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच कराई। तत्काल रिपोर्ट दी गई और रिपोर्ट नार्मल रही। मैं संस्कृति विवि और हिन्दुस्तान समाचार पत्र को धन्यवाद देना चाहता हूं। बड़ी संख्या में लोगों ने इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया।

– Legend News

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