सस्ते लोन के नाम पर लोगों से ठगी, पकड़े गए 24 आरोपियों में से 23 युवतियां

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कॉल सेंटर चलाकर लोगों के साथ ठगी के कारोबार का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने तीन ऐसे फर्जी कॉल सेंटर से 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। कॉल सेंटर चलाने वाला मुख्य आरोपी फरार है। पकड़े गए 24 आरोपियों में से 23 युवतियां हैं।
पुलिस के मुताबिक इन कॉल सेंटरों के जरिए करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। अभी मुख्य आरोपी समेत 5 लोग फरार हैं।
एसपी नीरज जादौन ने बताया कि पिलखुवा के रहने वाले 7 लोगों ने कॉल सेंटरों पर लोन के नाम पर 25-25 हजार की ठगी का आरोप लगाया था। इसके बाद टीम को जांच में लगाया गया था। पुलिस ने बुधवार को कार्यवाही कर कॉल सेंटरों से 24 लोगों को अरेस्ट किया। हालांकि मुख्य आरोपी अनुज शर्मा सहित 5 लोग फरार हो गए।
500 से अधिक फाइलें और अन्य दस्तावेज बरामद
थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह चौहान ने बताया कि इन सेंटरों से लोन की 500 से अधिक फाइलें और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्यवाही से जिले में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि थाना पिलखुवा क्षेत्र में एमएंडटीएल कंसल्टेंट प्रा. लि. नामक फर्म अनुज शर्मा ने खोल रखी थी। इसमें लोगों को बैंकों से सस्ता लोन दिए जाने का दावा किया जाता था। इसकी 3 ब्रांच पिलखुवा और हापुड़ में चलाई जा रही थीं।
लोगों से पैसा ऐंठकर बदल लेते थे ऑफिस
आरोपी सेंटर संचालक मोबाइल और अन्य कंपनियों से डाटा लेकर युवतियों से फोन करवाते थे। इस दौरान बैंकों से सस्ती दर पर लोन और अन्य ऑफर देकर उन्हें फंसाया जाता था। इसके बाद उन्हें ऑफिस बुलाते थे और फाइल चार्ज और लोन फीस के नाम पर 5 से 10 हजार रुपये लेते थे। महीनों चक्कर कटवाकर दोबारा 10-15 हजार रुपये वसूलते थे। इसके बाद आरोपी अपना ऑफिस बदल लेते थे।
आसपास के लोगों को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार ये लोग गाजियाबाद, हापुड़ समेत एनसीआर के लोगों को निशाना बनाते थे और उन्हें युवतियों से मीठी बातें करवाकर ठगी करते थे। अब तक करीब एक हजार लोगों से ठगी की जा चुकी है।
अन्य फाइलें तलाश रही पुलिस
इन कॉल सेंटरों पर लोन फाइलों की संख्या 1000 से अधिक है। करीब 500 फाइलों का पता लग गया है अभी और फाइलों की जांच की जा रही है। इसमें करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की आशंका है। इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
अंग्रेजी बोलने वाली युवतियों को रखते थे काम पर
पुलिस के अनुसार सभी युवतियां 18-23 साल के बीच की हैं और अंग्रेजी बोलने में एक्सपर्ट हैं। ये लड़कियां एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों से इन कॉल सेंटरों पर नौकरी करने आती थीं। इनमें से कुछ लड़कियों ने अपना नाम व पता फर्जी बता रखा था।
-एजेंसियां

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