स्कॉ‍र्पियन श्रेणी की चौथी पनडुब्बी INS VELA लॉन्च, भारतीय नेवी की ताकत बढ़ी

मुंबई। देश की चौथी स्कॉ‍र्पियन ​पनडुब्बी INS VELA को सोमवार को मुंबई के मजगांव डॉक लिमिटेड में ट्रायल के लिए लॉन्च कर दिया गया। माना जा रहा है कि INS VELA पनडुब्बी के आने से देश की नौसेना की ताकत में काफी इजाफा होगा। भारत कुल 6 स्कॉर्पियन पनडुब्बियों को पानी में उतारने वाला है जिनमें से ‘वेला’ चौथी है।

नौसेना प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 स्कॉर्पीन सबमरीन को पानी में उतारेगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अन्य दो पनडुब्बियां, INS वागीर और INS वागशीर पर भी काम अडवांस स्टेज में पहुंच चुका है और वे भी जल्द ही समंदर की गहराइयां नापने के लिए पानी में उतरेंगी।

आपको बता दें कि स्कॉर्पियन पनडुब्बियों का प्रॉजेक्ट मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड (MDL) और फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप (पूर्व में DCNS) के सहयोग से चलाया जा रहा है। नौसेना को इस सीरीज की पहली पनडुब्बी लंबे इंतजार के बाद पिछले साल दिसंबर में मिली थी। स्कॉ‍र्पियन सीरीज की पहली पनडुब्बी का नाम INS कलवरी है।

दो सबमरीन आईएनएस वागीर और आईएनएस वागशीर जल्द लॉन्च होंगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, INS खंडेरी और INS करंज के अगले महीने नौसेना में शामिल होने की खबर है।

पिछले कुछ सालों में भारतीय नौसेना को लगातार मजबूती मिली है। INS कलवरी की लॉन्चिंग ने देश की नौसेना को तो मजबूती दी ही थी, इसके साथ ही INS अरिहंत के रूप में भारतीय नौसेना को बलिस्टिक मिसाइल से लैस पहली पनडुब्बी मिली थी। अरिहंत के नौसेना में आते ही भारत न्यूक्लियर ट्रायड संपन्न देश अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और चीन की श्रेणी में शामिल हो गया। माना जा रहा है कि स्कॉ‍र्पियन श्रेणी की पनडुब्बियों के भारतीय नौसेना में आने से इसकी ताकत में जबर्दस्त इजाफा होगा।

मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप (डीसीएनएस) के सहयोग से स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन के प्रॉजेक्ट पर काम चल रहा है। दोनों कंपनियों के बीच 6 सबमरीन तैयार करने लिए 2005 में करार हुआ था। इसके तहत सभी सबमरीन मुंबई में ही तैयार की जा रही हैं।

सबमरीन की खासियत
इन 6 सबमरीन के शामिल होने से नौसेना की ताकत काफी बढ़ जाएगी। यह सभी स्कॉर्पीन सबमरीन एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खुफिया जानकारी जुटाना, माइन बिछाने और एरिया सर्विलांस आदि का काम कर सकती हैं।

पहली सबमरीन पिछले साल दिसंबर में मिली थी

प्रॉजेक्ट-75 के तहत नौसेना को पहली सबमरीन पिछले साल दिसंबर में मिली थी। स्कॉर्पिन सीरीज की पहली पनडुब्बी का नाम आईएनएस कलवरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएनएस खंडेरी (जनवरी 2017) और आईएनएस करंज (31 जनवरी 2018) पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल हो चुकी हैं। यह दोनों एडवांस स्टेज की सबमरीन हैं, इनसे नौसेना की ताकत में इजाफा हुआ।
-एजेंसी

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