मोदी सरकार के चार साल: सुषमा ने कहा, हमने विदेश नीति को गांवों तक पहुंचाने का काम किया

नई दिल्ली। मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने आज कहा कि ‘हमने विदेश नीति को गांवों तक पहुंचाने का काम किया है। पहले विदेश नीति केवल अंग्रेजी में बंधकर रह गई थी। हमने स्थानीय भाषाओं में विदेश नीति की बात शुरू की। हमने निर्णय किया संविधान में सूचीबद्ध 22 भाषाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।’
पिछले कुछ दिनों से सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा जारी सीजफायर उल्लंघन पड़ोसी देश द्वारा प्रायोजित आतंकवाद पर भारत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए साफ किया है कि आतंकवाद और बात साथ-साथ नहीं चल सकती है।
पाक की हालिया हरकतों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने साफ किया कि यह बातचीत के लिए सही वक्त नहीं है। गिलगित बाल्टिस्तान इलाके में पाकिस्तान के आदेश पर भी भारत ने कड़ी नाराजगी जताई है।
आतंक और बात साथ-साथ नहीं
सुषमा ने कहा, ‘जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती है। यह बातचीत के लिए सही वक्त नहीं है। आतंकवाद और बात साथ-साथ नहीं चल सकती है।’ बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान के आदेश पर उन्होंने कहा, ‘वे (पाकिस्तान) हमें इतिहास पढ़ाना चाहते हैं। पाकिस्तान ने हमेशा से इतिहास के साथ छेड़छाड़ करता रहा है और कानून में भरोसा नहीं रखता है।’
डोकलाम में नहीं बदली है स्थिति
केंद्र की NDA सरकार के 4 साल पूरे होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को अपने मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाते हुए ये बातें कहीं। डोकलाम के मसले पर सुषमा ने साफ किया कि वहां की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘मैं फिर दोहरा रहा हूं कि डोकलाम इलाके में स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और वहां यथास्थिति बरकरार है।’
MEA की उपलब्धियों पर किताब
MEA की उपलब्धियों पर एक किताब जारी करते हुए सुषमा ने बताया कि ‘दुनिया के कई ऐसे देश थे जहां अभी तक हमारे नेता कभी नहीं गए। हमने तय किया कि हम मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए संयुक्त राष्ट्र के 192 में से सभी देशों को कवर करेंगे। हम अभी तक 186 देश कवर कर चुके हैं।’
सुषमा ने कहा कि हमने दुनिया के देशों, दुनिया में बसे भारतीयों से और भारत के लोगों से संपर्क बढ़ाने की नीति पर काम करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज भारत का पासपोर्ट सुरक्षा कवच बन चुका है। विदेश में गए भारतीयों को आज भरोसा होता है कि दुनिया में वह कहीं भी फंसे तो उनकी सरकार उन्हें बचा लेगी।
दुनिया से 90 हजार लोगों को स्वदेश लाए
सुषमा ने कहा कि दुनिया के कई देशों से भारतीय समुदाय के 90 हजार लोगों को बचाकर स्वदेश लाया गया। अपनी विदेश यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कई भारतीयों को गंभीर दंड से भी बचा लिया। विदेश मंत्री ने बताया कि ‘2014 तक देश में 77 पासपोर्ट केंद्र थे। मध्य प्रदेश में केवल एक केंद्र भोपाल में था। हमने निर्णय किया पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में अलग-अलग केंद्र खोले जाएंगे। 4 साल में हमने 227 नए केंद्र खोले हैं।’
समृद्ध देशों से संबंध बेहतर किए
आर्थिक मोर्चें पर बोलते हुए स्वराज ने कहा कि हमने पूंजी और तकनीक के लिहाज से समृद्ध देशों से संबंध बेहतर किए। उन्होंने बताया कि 14 लाख करोड़ से ज्यादा की पूंजी फरवरी 2018 तक आ चुकी है। स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया जैसी तमाम फ्लैगशिप योजनाओं के लिहाज से आर्थिक मोर्चे पर विदेश नीति की यह बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसे भारत के एजेंडे को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लाने की कोशिश की।
एच-1 वीजा पर अमेरिका से बात जारी
एच वन वीजा के सवाल पर सुषमा ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका से इस मसले पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि वीजा को बचाया जाए। अमेरिका एक संप्रभु राष्ट्र है लेकिन, हम वीजा बचाने की कोशिश में कोई कमी नहीं कर रहे हैं।
-एजेंसी

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