तख्तापलट की गलत खबर छपवाने में शामिल थे मनमोहन सरकार के चार मंत्री: भाजपा

नई दिल्‍ली। यूपीए-2 के कार्यकाल में मनमोहन सरकार के चार मंत्रियों ने तख्तापलट करने की गलत खबरें छपवाकर देश की आर्मी के खिलाफ साजिश रची थी। अखबार संडे गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। सैन्य तख्तापलट की झूठी खबर न्यूज़ पेपर में छपवा कर सेना का अपमान और गद्दारी की गई।
यूपीए-2 सरकार के कार्यकाल के दौरान 2012 में सेना के कथित तख्तापलट की खबरों को लेकर बीजेपी ने एक अखबार की रिपोर्ट के हवाले से कांग्रेस पर हमला बोला है।
बीजेपी ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सेना के खिलाफ तख्तापलट की गलत खबर छपवाकर उसे बदनाम किया गया। दिल्ली में बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मनमोहन सरकार के चार मंत्री इस साजिश में शामिल थे। बीजेपी ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जवाब मांगा है। उन्होंने साथ ही संसदीय कमेटी से इस पूरे मामले की जांच की मांग करने की बात कही है।
बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के दौरान देश में न केवल भ्रष्टाचार हुआ, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी किया गया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि यूपीए-2 के शासनकाल में भारतीय सेना के खिलाफ साजिश रची गई थी।
बता दें कि जनवरी 2012 में एक न्यूजपेपर में सेना द्वारा कथित तख्तापलट की खबर प्रकाशित हुई थी। इस खबर के बाद देशभर में काफी बवाल मचा था।
दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यूपीए के शासनकाल में कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने भारतीय सेना के खिलाफ खबरें प्लांट करवाई थीं। नरसिम्हा ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल में मनमोहन सरकार के चार मंत्रियों ने देश की आर्मी के खिलाफ गलत खबरें छपवाने की साजिश रची थी। सैन्य तख्तापलट की झूठी खबर न्यूज़ पेपर में छपवाकर सेना का अपमान किया गया। यह देश से गद्दारी थी।

इसी संदर्भ में 17 Nov 2013 को साहित्य उत्सव में अपनी आत्मकथा करेज एंड कनविक्शन के विमोचन अवसर पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह ने जनवरी 2012 में सैन्य तख्तापलट के कथित प्रयास की कहानी को खारिज करते हुए कहा था कि यह कहानी एक बहुत ही उर्वर दिमाग की उपज थी तथा यह अवश्‍‍‍य किसी के इशारे पर रची गई थी क्‍योंकि यदि कुछ खास दायित्वों के लिए कुछ खास इकाइयों की क्षमता को परखने के लिए नियमित हलचल का मतलब तख्तापलट के रूप में निकाला जाए तो फिर भगवान ही हमारी रक्षा करे।

यह पूछे जाने पर कि क्या हलचल के दौरान मिसाइलों को रखना जरूरी था, सिंह ने जवाब दिया, स्पष्टत:। आप पूर्ण गोला बारूद के साथ बढ़ते हैं। आपको कैसे पता चलेगा कि उन मिसाइलों को निकालने में कितना समय लगता है। आप सबक कैसे सीखेंगे।

सिंह ने कहा, यह एक ऐसी कहानी थी जो बहुत ही उर्वर दिमाग से आई। जब आप आगे बढ़ते हैं तो हर चीज लेकर बढ़ते हैं। सरकार में सशस्त्र बलों से संबंधित फोबिया होने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि इस फोबिया या इस भ्रम अनुभूति के बारे में मैंने किताब में चर्चा की है। वहां इस तरह की सोच है जो 50 या 60 के दशक में थी, और उसे, बीते समय में अन्य समूहों ने सशस्त्र बलों को थोड़ा दूर रखने के लिए इस्तेमाल किया है।

-एजेंसियां

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