अफगानिस्‍तान के मामले में अमेरिका के पूर्व उप-राष्ट्रपति ने की बाइडन की आलोचना

वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकलने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन की आलोचना की है.
अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल में उनका एक लेख प्रकाशित हुआ है जिसमें उन्होंने इस फ़ैसले के बारे में लिखा है- “ईरान बंधक संकट के बाद देश की विदेश नीति का इस तरह का अपमान पहले कभी नहीं हुआ.”
उन्होंने लिखा कि इस फ़ैसले के कारण दुनियाभर में अमेरिका की बदनामी हुई है और अमेरिका के सहयोगियों का उस पर भरोसा कम हो सकता है. साथ ही इस कारण दुश्मन भी अमेरिका की परीक्षा लेने की कोशिश कर सकते हैं.
उन्होंने लिखा कि इस फ़ैसले से उन बहादुर अमेरिकी सैनिकों का अपमान हुआ है जिन्होंने 9/11 की घटना के बाद चरमपंथियों को सज़ा दे कर अमेरिकियों को न्याय दिलाया और बीते 20 सालों में अफ़ग़ानिस्तान में काम किया.
पेंस ने दावा किया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने उस समझौते को तोड़ दिया है जो पूर्व प्रशासन ने तालिबान के साथ किया था.
पेंस ने कहा कि समझौते के अनुसार तालिबान के अमेरिकियों पर हमले रोकने की शर्त के साथ अफ़ग़ानिस्तान से चरणबद्ध तरीके से अमेरिकी सेना को बाहर निकाला जाना था. इसके साथ ही अमेरिका को वहां पर चरमपंथी संगठनों के पनपने को रोकना था और अफ़ग़ान नेताओं से बातचीत कर वहां नई सरकार बनाने में मदद करनी थी.
पेंस ने दावा किया कि बाइडन ने ये कह कर समझौते का उल्लंघन किया कि अमेरिकी सेनाएं कई महीनों तक अफ़ग़ानिस्तान में रहेंगी और इसके जवाब में तालिबान ने इलाक़ों पर कब्ज़ा करने का अपना अभियान छेड़ दिया लेकिन कुछ बुद्धिजीवियों ने पेंस की आलोचना की है.
वरिष्ठ पत्रकार थॉमस जोसिलिन ने कहा है कि तालिबान ने भी समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं किया है.
हालांकि थॉमस इस बात से सहमत हैं कि तालिबान के लड़ाकों ने अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकियों पर हमले नहीं किए.
-एजेंसियां

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