पाक के पूर्व क्रिकेटर नासिर जमशेद को स्पॉट फिक्सिंग में 17 महीने की जेल

लंदन। पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज नासिर जमशेद को मैनचेस्टर की क्राउन कोर्ट ने स्पॉट फिक्सिंग के मामले में 17 महीने जेल की सजा सुनाई है। 33 साल के इस बल्लेबाज को पिछले साल दिसंबर में कोर्ट ने दोषी करार दिया था। इससे पहले 4 खिलाडी फिक्सिंग के मामले में जेल जा चुके हैं। इसमें पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ, सलमान बट्ट शामिल हैं। इनके अलावा भारतीय गेंदबाज एस श्रीसंत भी फिक्सिंग को लेकर 27 दिन (मई-जून 2013) तिहाड़ जेल में गुजार चुके हैं।

आमिर, आसिफ और बट्ट को 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाने पर लंदन की अदालत ने सजा सुनाई थी। आमिर को 1 साल की सजा मिली थी, उन्हें 3 महीने जेल में बिताने पड़े। 1 साल की सजा पाने वाले आसिफ 6 महीने जेल में रहे थे। वहीं, बट्ट को 30 महीने की सजा मिली थी, वे 7 महीने बाद जेल से छूटे।

जमशेद ने कोर्ट में पैसे देने की बात कबूली

क्राउन कोर्ट ने जमशेद के साथियों यूसुफ अनवर और मोहम्मद एजाज को भी 40 और 30 महीने की सजा सुनाई है। इन दोनों ने भी पाकिस्तान सुपर लीग में खिलाड़ियो को खराब प्रदर्शन के लिए पैसे देने की बात कबूली। यह दोनों ब्रिटेन के नागरिक हैं। जमशेद पर पीसीबी 2018 में 10 साल का बैन लगा चुकी है।

पुलिस अफसर ने सट्टेबाज बनकर फिक्सिंग के रैकेट का खुलासा किया
ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी ने पिछले साल स्पॉट फिक्सिंग की जांच के दौरान जमशेद, यूसुफ अनवर और मोहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया था। शुरू में तो इन तीनों ने पाकिस्तान सुपर लीग में फिक्सिंग की बात से इनकार किया। लेकिन पिछले साल दिसंबर में हुई सुनवाई के दौरान इसमें शामिल होने की बात कबूल ली थी। बता दें कि पिछले साल एक अंडरकवर पुलिस अफसर ने सट्टेबाज बनकर इन तीनों से मैच फिक्स करने के लिए संपर्क किया था। जांच में पुलिस को यह पता लगा कि जमशेद ने 2016 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग में दो बार स्पॉट फिक्सिंग की नाकाम कोशिश की। तब वे शरजील खान के साथ रंगपुर राइडर्स की तरफ से खेले थे। पहली बार स्पॉट फिक्स करने के लिए जमशेद जरूरी सूचना नहीं दे पाए, जबकि दूसरी बार उन्हें बरिसाल बुल्स के खिलाफ मैच में प्लेइंग-11 में ही नहीं रखा गया।

फिक्सिंग में शामिल शरजील 5 साल के लिए बैन

इसके बाद जमशेद ने दुबई में 2018 में पाकिस्तान सुपर लीग के पेशावर जाल्मी और इस्लामाबाद यूनाइडेट के बीच हुए मैच में स्पॉट फिक्सिंग की। इसके लिए उन्होंने पेशावर जाल्मी के खिलाड़ी शरजील खान को इस्लामाबाद टीम के दूसरे ओवर में दो डॉट बॉल खेलने के लिए मनाया। इसके बाद पीसीबी ने शरजील और साथी खिलाड़ी खालिद लतीफ को पांच साल के लिए बैन कर दिया था।

हर स्पॉट फिक्स करने के लिए 39,450 डॉलर लेते थे

ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी ने जांच ने बताया कि अनवर और इजाज ने फिक्सिंग का ऐसा सिस्टम तैयार किया था, जिसमें वे हर स्पॉट फिक्स करने के लिए वे 39,450 डॉलर लेते थे। इसका आधा हिस्सा फिक्सिंग में शामिल होने वाले खिलाड़ी को मिलता था।

जमशेद की पत्नी ने कहा- शॉर्टकट अपनाने से इज्जत गंवाई

इस फैसले के बाद जमशेद की पत्नी समारा अफजल ने एक बयान जारी कर कहा कि इस फैसले से खिलाड़ियों को सीख मिलेगी कि अगर वे गलत रास्ता अपनाते हैं तो इसका अंजाम क्या होता है। नासिर का भविष्य अच्छा हो सकता था। अगर वह कड़ी मेहनत करता और उस खेल के लिए समर्पित रहता, जिसने उसे पैसा, शोहरत सब कुछ दिया। लेकिन उसने शॉर्टकट अपनाया और करियर, इज्जत, आजादी सब गंवा दिया। उसे ब्रिटेन की नागरिकता मिल सकती थी और वह काउंटी क्रिकेट खेल सकता था। लेकिन उसने यह मौका गंवा दिया। जमशेद ने पाकिस्तान के लिए दो टेस्ट, 48 वनडे और 18 टी-20 खेले हैं।
– एजेंसी

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