600 करोड़ रुपए के पॉन्जी इन्वेस्टमेंट स्कैम केस में पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी गिरफ्तार

बेंगलुरु। लगभग ₹600 करोड़ पॉन्जी इन्वेस्टमेंट स्कैम केस में आरोपों का सामना कर रहे भारतीय जनता पार्टी नेता और पूर्व राज्य मंत्री जनार्दन रेड्डी को सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके ऊपर मनी लॉन्डरिंग और मुख्य आरोपी की पैसों के गैर कानूनी लेन-देन में मदद करने का आरोप है। उनके अलावा उनके साथी महफूज अली खान को भी गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले उन्होंने जांच अधिकारी डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस (CCB) एस गिरीश को हटाने की अपील की थी।
रेड्डी शनिवार को एजेंसी के सामने पेश हुए थे। क्राइम ब्रांच पहले से ही रेड्डी को गिरफ्तार करने के बारे में विचार कर रही थी। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया था कि दस्तावेज तैयार करने के बाद सबूतों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा या नहीं। क्राइम ब्रांच के सीपी आलोक कुमार ने बताया है कि विश्वासपूर्ण सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि रेड्डी को मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। पैसे बरामद कर इन्वेस्टर्स को दिए जाएंगे।
क्राइम ब्रांच की जांच में पता लगा था कि रेड्डी और खान ने ऐंबिडेंट मार्केटिंग से 18 करोड़ रुपए की कीमत का 57 किलो सोना लिया। यह सोना प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से ऐंबिडेंट के प्रमोटर सैयद अहमद फरीद को ‘ढील’ देने की बात करने के बदले लिया गया था। क्राइम ब्रांच ने रेड्डी और खान को रविवार को पूछताछ का नोटिस दिया था।
गिरीश को हटाने की मांग पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरीश के खिलाफ उनके ऐक्शन से उनकी बौखलाहट दिखाई देती है। एक अधिकारी ने बताया, ‘गिरीश को सीधी बात करने और सतर्कता से जांच करने के लिए जाना जाता है। इसमें कोई हैरानी नहीं है कि जांच के घेरे में आया राजनेता ऐसे ऑफिसर को हटाने की बात करे।’ गिरीश ने पिछले 10 साल में कई छापे मारे हैं और नेताओं को गिरफ्तार किया है। यहां तक कि सितंबर 2011 में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और उनके दामाद के घर और ऑफिस में छापा मारा था।
-एजेंसियां

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