सामूहिक बलात्कार के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति गिरफ्तार

Former minister Gayatri Prajapati arrested for gang rape
सामूहिक बलात्कार के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार में मंत्री और सामूहिक बलात्कार के आरोपी गायत्री प्रजापति को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रजापति को राजधानी के आशियाना इलाके से तड़के गिरफ्तार किया गया। उन्हें आलमबाग पुलिस स्टेशन में रखा गया है। बलात्कार के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश जारी किया था लेकिन 27 फरवरी से ही वह फरार थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी लेकिन वह हाथ नहीं आ रहे थे। मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि प्रजापति को 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रजापति को अरेस्ट करने के लिए पुलिस ने अपनी 6 टीमों को लगाया था। UP पुलिस के DIG जावीद अहमद ने बताया कि प्रजापति लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह हरियाणा-दिल्ली सीमा के आसपास छुपे हुए हैं।
Uttar Pradesh: Rape accused Gayatri Prajapati arrested from Lucknow pic.twitter.com/3hwqgICVIM
—ANI UP (@ANINewsUP) March 15, 2017
इससे पहले लखनऊ की गौमतपल्ली थाना पुलिस ने मंगलवार को प्रजापति के बेटे अनुराग व अनिल को हिरासत में लिया था और 3 नामजद आरोपियों को भी अरेस्ट किया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गायत्री के बेटों ने आरोपियों को शरण दी थी। पुलिस इससे पहले प्रजापति के गनर चंद्रपाल, लेखपाल अशोक तिवारी व आशीष शुक्ला को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने मंगलवार को छापा मारकर अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू, रूपेश और विकास को गिरफ्तार किया। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
बेटों की गिरफ्तारी के बाद यह अनुमान भी लगाया जा रहा था कि प्रजापति बुधवार को अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इस संभावना के मद्देनजर पुलिस ने कोर्ट और आसपास के इलाकों में सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया था। उनकी गिरफ्तारी के सिलसिले में पुलिस ने कई जगह छापा भी मारा। इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस पर भी आरोप लगा कि वह प्रजापति को गिरफ्तार करने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रही है। आरोप लगा कि सरकार के दबाव के कारण प्रजापति के केस में लापरवाही दिखाई गई।
गायत्री प्रजापति को गिरफ्तार नहीं कर पाने के कारण अखिलेश यादव सरकार की काफी आलोचना भी हुई थी लेकिन अखिलेश ने कहा था कि पुलिस अपना काम कर रही है। प्रजापति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अखिलेश सरकार पर सवाल उठाए थे। सात चरणों में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान प्रजापति का इस तरह फरार होना एक बड़ा मुद्दा बन गया था। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक चुनावी मंच से ऐलान किया था कि अगर उनकी पार्टी को बहुमत मिलता है, तो प्रजापति को पाताल से भी ढूंढ लाएगी।
मालूम हो कि एक महिला ने प्रजापति पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि 3 साल पहले जब वह प्रजापति से मिली थी, उस समय उन्होंने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी ले लीं। महिला का कहना है कि प्रजापति ने उन तस्वीरें को दिखाकर उसे ब्लैकमेल किया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि प्रजापति ने उसकी नाबालिग बेटी से भी दुष्कर्म का प्रयास किया।
पूर्व मंत्री प्रजापति पर भ्रष्टाचार के भी कई आरोप हैं। उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन्हीं आरोपों के मद्देनजर अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त भी कर दिया था। अखिलेश का अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव के साथ जो विवाद शुरू हुआ, उसमें प्रजापति को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना एक बड़ा मुद्दा था। प्रजापति की बर्खास्तगी पर मुलायम नाराज हो गए थे। उनके दबाव पर अखिलेश ने बाद में प्रजापति को दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया। प्रजापति ने इस बार अमेठी से चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गए। अभी कुछ दिन पहले ही उनपर आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप लगा था। कानपुर से अमेठी ले जाई जा रही 4,000 साड़ियों की एक खेप को पुलिस ने पकड़ा था। इन साड़ियों के बिल पर प्रजापति का नाम था। इस सिलसिले में भी उनके खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था।
-एजेंसी

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