2007 में Anti-satellite मिसाइल क्षमता थी पर राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं: पूर्व इसरो प्रमुख

नई दिल्‍ली। इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर, कस्‍तूरीरंगन व नंबी नांबियार ने एक सुर से भारत द्वारा अंतरिक्ष में सुरक्षा के लिए Anti-satellite मिसाइल तकनीक हासिल करने की जहां प्रशंसा की है वहीं सभी वैज्ञानिकों ने स्‍पष्‍टत: कहा है कि भारत के पास 2007 में भी Anti-satellite मिसाइल क्षमता थी पर राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी जिसके कारण हम बाकी ताकतवर देशों से पिछड़ गए।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने बुधवार को कहा कि भारत के पास एक दशक से अधिक पहले से Anti-satellite मिसाइल की क्षमता थी, लेकिन इसे प्रदर्शित करने के लिए उस समय राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी।
उन्होंने कहा कि जब चीन ने वर्ष 2007 में मिसाइल लांच करके एक उम्र बढ़ने वाले मौसम उपग्रह को मार गिराया, तब भारत के पास एक समान मिशन शुरू करने की तकनीक मौजूद थी।

नायर ने पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा, “अब (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने पहल की है और उनके पास यह कहने की राजनीतिक इच्छाशक्ति और साहस है कि हम ऐसा करेंगे। हमने अब पूरी दुनिया के सामने यह प्रदर्शन किया है।” बता दें कि नायर ने इसरो अंतरिक्ष आयोग का नेतृत्व किया था और 2003 से 2009 तक अंतरिक्ष विभाग में सचिव थे।

क्या भारत 2007 में ही Anti satellite मिसाइल क्षमता का प्रदर्शन कर सकता था? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से, लेकिन उस समय इस कदम पर आगे बढ़ने के लिए राजनीतिक निर्णय का अभाव था जिस वजह से ऐसा नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि अब, प्रधानमंत्री मोदी ने साहसपूर्वक निर्णय लेकर यह कर दियाखा है।

गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि यह कदम किसी देश के खिलाफ नहीं है और हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किमी दूर पृथ्वी की निचली कक्षा ::एलईओ: में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। यह लाइव सैटेलाइट एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, जिसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल द्वारा मार गिराया गया है। यह अभियान तीन मिनट में सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसी विशिष्ट क्षमता रखने वाला भारत चौथा देश है।

मिशन शक्ति अंतरिक्ष के क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण कदम: कस्तूरीरंगन
इसरो के पूर्व अध्यक्ष के कस्तूरीरंगन ने कहा कि उन्हें गर्व हो रहा है कि देश ने उपग्रह रोधी मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है और यह अंतरिक्ष में यह बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पीटीआई-भाषा को बुधवार को बताया, ‘‘ मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि यह अत्यंत, अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है।”

कस्तूरीरंगन ने कहा, ‘‘और हम सभी को इस बात पर गर्व है कि हमने अंतरिक्ष में अगला महत्वपूर्ण, जरूरी और संभवत: बहुत कठिन कदम सफलतापूर्वक बढ़ाया है।’’ मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में कहा, ‘‘मिशन शक्ति के तहत भारत ने स्वदेशी एंटी सैटेलाइट मिसाइल ‘ए..सैट’ से तीन मिनट में एक लाइव सैटेलाइट को सफलतापूर्वक मार गिराया।’’

उन्होंने बाद में ट्वीट किया ‘‘मिशन शक्ति की सफलता के लिए हर किसी को बधाई।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किमी दूर पृथ्वी की निचली कक्षा (एलईओ) में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। यह लाइव सैटेलाइट एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, जिसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल द्वारा मार गिराया गया है। यह अभियान तीन मिनट में सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।’’

इस अभियान से जुड़े वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अंतरिक्ष में निचली कक्षा में लाइव सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया है। अब तक यह क्षमता अमेरिका, रूस और चीन के ही पास थी।

-एजेंसी

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