NRHM घोटाले से जुड़े पूर्व CMO ने गोली मारकर की आत्महत्या

गोरखपुर। NRHM घोटाले की जांच के दायरे मेें रहे व उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाएं में निदेशक के पद से रिटायर डा. पवन श्रीवास्तव ने बुधवार की दोपहर में अपने बेडरूम में लाइसेंसी पिस्टल से खुद को अपनी कनपटी पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर बहू और बेटा कमरे में पहुंचे तो फर्श पर गिरे पड़े थे। उनकी मौत हो गई थी। बगल में उनकी लाइसेंसी पिस्टल गिरी थी।

सूचना के बाद मौके पर सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह पहुंच गए। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने डा. पवन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर सुभाष नगर के मूल निवासी डा. पवन श्रीवास्तव इसी थाना क्षेत्र के राजेन्द्र नगर महावीरपुरम में मकान बनावा कर पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। वह उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाएं में निदेशक के पद पर तैनात थे। वर्ष 2010 में रिटायर हुए थे। उनका नाम भी एनआरएचएम घोटाले से जुड़ा था। वह सीबीआई की जांच के दायरे में थे। रिटायरमेंट से करीब डेढ़ महीने पहले उनकी पत्नी का देहांत हो गया था। उसके बाद से ही वह डिप्रेशन में थे और घर से कम ही बाहर निकलते थे। शहर के एक मनोचिकित्सक के यहां उनका इलाज चल रहा था।

डा. पवन के बेटे डा. पंकज दंत चिकित्सक हैं बरगदवा में उनकी क्लीनिक है। पंकज की पत्नी एकता श्रीवास्तव ने बताया कि सास की मौत और उसके तत्काल बाद रिटायर होने से वह डिप्रेशन में रहते थे। ऊपर से NRHM जांच के लिए सीबीआई के बुलाने पर उनका अक्सर दिल्ली और लखनऊ आना-जाना होता था उससे भी परेशन रहते थे। घुटनों के दर्द ने भी इन दिनों उन्हें परेशान किया था।

शहर के एक मनोचिकित्सक के यहां उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार को डॉक्टर को दिखा कर लौटे थे। 15 जनवरी को सीबीआई कोर्ट दिल्ली जाना था। उसकी तैयारी कर रहे थे इस बीच यह घटना हो गई।

मंदिर में किया पूजा-पाठ फिर गोली मारकर की खुदकुशी
डा. पवन श्रीवास्तव ने मकान में ही हनुमान जी का मंदिर बनवाया है। उसी में अन्य देवी-देवताओं की भी तस्वीर है। सुबह उठने के बाद मंदिर की सफाई और पूजा-पाठ कर ही वह नाश्ता करते थे। मंगलवार की सुबह देर से उठे और स्नान करने के बाद मंदिर में पूजा-पाठ करने गए। वहां से सीधे कमरे में गए और अपने कनपटी पर गोली मार ली।

NRHM जांच के लिए सीबीआई के बुलाने पर उनका अक्सर दिल्ली और लखनऊ आना-जाना होता था उससे भी परेशन रहते थे।
-एजेंसी