छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का न‍िधन

रांची। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। करीब 15 दिन पहले कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। रेकॉर्ड 14 साल जिलाधिकारी रहे अजीत जोगी गांधी परिवार के बेहद करीबी रहे।

उनके बेटे अमित जोगी (Amit Jogi) ने ट्वीट करके इस बात जानकारी दी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने राजनीति में ऐसी छाप छोड़ी है जो सदियों तक याद की जाती रहेगी। अजीत जोगी के पूरे जीवन के सफर में अनेकों ऐसे किस्से हैं जो किसी चौंकाते हैं।
आदिवासी समाज से आने वाले अजीत जोगी गांव की गलियों में नंगे पांव पले बढ़े और मिशनरी की मदद से शिक्षा पूरी कर पहले इंजीनियरिंग फिर यूपीएससी की परीक्षा पास कर कलेक्टर बने। जोगी ने एक ही जिंदगी में इतने उतार-चढ़ाव देखे जिसपर पहली नजर में भरोसा करना मुश्किल लगता है।

जोगी ने यूं की गांधी फैमिली में एंट्री
रेकॉर्ड 14 साल जिलाधिकारी रहे अजीत जोगी गांधी परिवार के बेहद करीबी रहे। बताया जाता है कि अजीत जोगी जब रायपुर के जिला कलेक्टर थे तब राजीव गांधी पायलट हुआ करते थे। राजीव गांधी की फ्लाइट जब कभी रायुपर में लैंड होती तो तत्कालीन जिला कलेक्टर अजीत जोगी खुद उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट जाया करते थे। उस वक्त राजीव भी यंग थे और जोगी भी। इस वजह से दोनों के बीच काफी अच्छी दोस्ती जैसा रिश्ता बन गया था। इस तरह एक जिले के कलेक्टर अजीत जोगी की पहुंच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आवास तक हो चुकी थी।

ढाई घंटे में कलेक्टर से राजनेता बने अजीत जोगी
बतौर इंदौर के कलेक्टर अजीत जोगी ग्रामीण इलाके के दौरे पर गए थे। रात में जब वह घर लौटे तो पत्नी रेणु ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया था। पहले तो जोगी को लगा कि भला पीएमओ से किसी कलेक्टर को क्यों कॉल आएगा। लेकिन अगली सुबह तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पीए ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने जोगी से कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि आप तत्काल कलेक्टर पद से इस्तीफा दे दें। यह सुनते ही जोगी थोड़े घबरा गए। लेकिन अगले ही वाक्य में पीएम के पीए ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं आप मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन करें। उनसे कहा कि रात 12 बजे तक दिग्विजय सिंह उन्हें लेने इंदौर पहुंचेंगे। सुबह 11 बजे तक इस्तीफे की सारी औपचारिकता पूरी कर ली जाएगी। कलेक्टर पद से इस्तीफा देने और कांग्रेस की सदस्यता लेने में करीब ढाई घंटे का वक्त लगा। इस तरह अजीत जोगी कलेक्टर से राजनेता बने।

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *