अब संस्कृति यूनिवर्सिटी से निकलेंगे Forensic Experts

युवाओं के लिए बीएससी (आनर्स) Forensic साइंस में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

मथुरा। अब मथुरा और उसके आसपास के जिलों की युवा पीढ़ी को Forensic Experts बनने के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि शासकीय और अशासकीय क्षेत्रों में करियर की भरपूर सम्भावनाओं को देखते हुए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने बीएससी (आनर्स) फोरेंसिक साइंस विषय को अपने पाठ्यक्रम में समाहित कर लिया है। संस्कृति यूनिवर्सिटी में बीएससी (आनर्स) फोरेंसिक साइंस विषय की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

ब्रज मण्डल के जो छात्र-छात्राएं विज्ञान विषय से 10+2 की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, वे यंगस्टर्स संस्कृति यूनिवर्सिटी से बीएससी (आनर्स) फोरेंसिक साइंस विषय में दाखिला लेकर फोरेंसिक एक्सपर्ट्स बनने का अपना सपना साकार कर सकते हैं। कुलाधिपति सचिन गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी का उद्देश्य युवा पीढ़ी को बदलते परिवेश और जरूरतों के मुताबिक तालीम देना है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में संस्कृति यूनिवर्सिटी में जहां कई प्रकल्पों पर ध्यान दिया गया है वहीं मेडिकल के क्षेत्र में भारतीय चिकित्सा पद्धति को प्रमुखता दी गई है। आजकल आपराधिक घटनाओं में लगातार होते इजाफे को देखते हुए फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बात को मद्देनजर रखते हुए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने इस सत्र (2018-19) से बीएससी (आनर्स) फोरेंसिक साइंस को भी अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया है।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि एक फोरेंसिक एक्सपर्ट के लिए शासकीय और अशासकीय क्षेत्रों में नौकरी की भरपूर सम्भावनाएं हैं, ऐसे में युवा पीढ़ी बीएससी (आनर्स) फोरेंसिक साइंस में दाखिला लेकर अपना भविष्य उज्ज्वल कर सकती है। इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए रोजगार की फिलहाल कोई समस्या नहीं है। खास बात यह है कि इन दिनों इस प्रोफेशन के प्रति युवाओं में बेहद क्रेज भी देखा जा रहा है। दरअसल फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में रोमांच के साथ-साथ समाज में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की भी क्षमता है। सूक्ष्म से सूक्ष्म साक्ष्य के सहारे एक फोरेंसिक एक्सपर्ट अपराधियों को बेनकाब करने में सफल हो पाता है। फोरेंसिक एक्सपर्ट विज्ञान के सिद्धांतों और नई तकनीकों का उपयोग करते हुए ही क्राइम का इंवेस्टिगेशन करते हैं। इसके लिए एक्सपर्ट ब्लड, बॉडी फ्लूड, हेयर, फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट, टिशू आदि की मदद लेते हैं। श्री गुप्ता ने युवा पीढ़ी का आह्वान किया है कि वे बीएससी (आनर्स) Forensic Science में प्रवेश लेकर अपने सपनों को साकार करें।

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