फेसबुक के जरिए विदेशी महिला ने बौद्ध भिक्षु से ठगे 2 करोड़ रुपए

बेंगलुरु। कर्नाटक के करवार शहर में 73 वर्षीय बौद्ध भिक्षु के साथ फेसबुक के जरिए ठगी होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि खुद को अमेरिकन बताने वाली एक फेसबुक यूजर ने अनाथ बच्चों की मदद करने के नाम पर बौद्ध भिक्षु से ठगी की है। इस मामले के सामने आने के बाद अब साइबर सेल को इसकी शिकायत दी गई है और संबंधित अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु से करीब 400 किमी दूर करवार की एक शरणार्थी कॉलोनी में रहने वाले बौद्ध भिक्षु कर्मा खेदप की कुछ महीनों पहले महिला से दोस्ती हुई थी। महिला ने कर्मा को बताया था कि उसका नाम रालैंड माइकल है और वह अमेरिकी नागरिक है। महिला ने बौद्ध भिक्षु को बताया था कि वह अनाथ है और उसने इसी तरह अपना जीवन काटा है, इस कारण वह भारत आकर गरीब बच्चों की मदद करना चाहती है। महिला की इस बात पर बौद्ध भिक्षु ने रुचि दिखाई, जिसके बाद दोनों के बीच वॉट्सऐप पर भी चर्चा शुरू हो गई।
कही थी 17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने की बात
करवार के एक मेडिटेशन सेंटर में काम करने वाले कर्मा खेदप की महिला से कई बार बातचीत भी हुई। इसी बीच महिला ने उनसे कहा कि वह भारत आकर यहीं बसना चाहती हैं। इसके अलावा वह बौद्ध भिक्षु को करीब 2.5 करोड़ डॉलर (17 करोड़ रुपये) दान करना चाहती हैं, जिससे कि देश में अनाथ बच्चों की मदद के लिए काम शुरू कराए जा सकें। इस पर कर्मा राजी हो गए और उसे भारत आने का आमंत्रण दे दिया। इसी बीच महिला ने कहा कि उसके भारत आने से पहले उसका एक दोस्त विलियम जॉनसन हिंदुस्तान आकर सारा काम संभालेगा इसलिए कर्मा खुद उससे फोन पर बात कर लें।
बौद्ध भिक्षु ने जमा कराए 2 करोड़ रुपये
जब बौद्ध भिक्षु ने महिला के दिए नंबर पर विलियम जॉनसन नाम के उक्त शख्स को फोन किया तो उसने कर्मा से कस्टम क्लियरेंस, पुलिस वेरिफिकेशन और अन्य खर्चों के लिए कुछ पैसों की मांग की। इस पर कर्मा ने करीब 2 करोड़ रुपये विलियम द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कराए। इसके बाद जब महिला और विलियम दोनों से दोबारा संपर्क ना हो सका तो कर्मा को अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली। इस पर उन्होंने तत्काल पुलिस की साइबर सेल के पास मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई, जहां मामला दर्ज करते हुए अधिकारियों ने केस की पड़ताल शुरू कराई।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *