विदेश मंत्रालय ने कहा, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर भारत के हिस्‍से में

नई दिल्‍ली। चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर पर भारत ने मंगलवार को आईना दिखाते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत का है, जिस पर 1947 में पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने विरोध जताते हुए कहा कि चीन-पाकिस्तान की यह परियोजना भारत के उस इलाके में है, जहां पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने अपने बयान में पाक के कब्जे वाले कश्मीर में चीन पाकिस्तान आर्थिक कारिडोर (सीपीईसी) के उल्लेख पर कहा कि भारत क्षेत्र की यथास्थिति को बदलने के किसी दूसरे देश की पहल का पूरे संकल्प के साथ विरोध करता है। इस बाबत एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘चीनी विदेश मंत्री की यात्रा के बाद चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के उल्लेख को हम खारिज करते हैं । जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।’
उल्लेखनीय है कि भारत का यह बयान हाल ही में चीनी विदेश मंत्री की पाकिस्तान यात्रा के दौरान संयुक्त बयान के बाद आया है। भारत ने इस हरकत के लिए चीन और पाकिस्तान दोनों की आलोचना की है।
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) पाकिस्तान के ग्वादर से लेकर चीन के शिनजियांग प्रांत के काशगर तक लगभग 2442 किलोमीटर लंबी एक वाणिज्यिक परियोजना है।
इस परियोजना की लागत 46 अरब डॉलर आंकी जा रही है। यह गलियारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है, जो भारत के जम्मू-कश्मीर का ही हिस्सा है।
-एजेंसियां

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