इंटरनेशनल बुद्धिस्ट Conclave में भाग लेने गया पहुंचे विदेशी मेहमान

बोधगया। वर्ष 2018 के इंटरनेशनल बुद्धिस्ट Conclave को लेकर गया पहुंचे विदेशी अतिथि Conclave के समापन सत्र में भाग लेंगे। कुल 29 देश के लगभग 250 बौद्ध प्रतिनिधि शनिवार को गया एयरपोर्ट पर उतरे। दिल्ली से गया पहुंचे ये प्रतिनिधि सीधे नालंदा के लिए रवाना हो गए। राजगीर और नालंदा के भ्रमण के बाद वे शाम को फिर बोधगया वापस आएंगे। बोधगया में उनके ठहरने के लिए पांच होटल बुक किये गये हैं। यहां शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ़ उठाएंगे।

अतिथियों के आगमन पर ट्रैफिक व्‍यवस्‍था

महाबोधि होटल जाने का रास्ता पर्याप्त चौड़ा नहीं है, इसलिए अतिथियों के आवागमन के समय विपरीत दिशा से कोई भी वाहन का प्रवेश नहीं हो रहा है। महाबोधि होटल के अंदर छोटी गाड़ियां ही लगी हैं, यह कॉन्क्लेव 23 से 26 अगस्त तक चलेगा।

पूरे कॉन्क्लेव के दौरान वीवीआईपी वाहन ही मंदिर की तरफ जाएंगे। महाबोधि मंदिर के रास्ते में नोड एक के समीप पहला बैरिकेटिंग रहेगा और स्थानीय गाड़ियां सुजाता होटल के पास ही खड़ी होंगी। केवल वीवीआईपी गाड़ियां ही अंदर प्रवेश करेंगी जो बीटीएमसी या डाक बंगला परिसर में खड़ी होंगी। महाबोधि मंदिर के गेट के सामने कोई भी वाहन खड़ी नहीं रहेगी। यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी स्थानीय थाने के जिम्मे दी गई है।

गया एयरपोर्ट पर विदेशी मेहमानों का शानदार स्वागत किया गया। छोटे छोटे बौद्ध लामाओं व स्कूली छात्रों ने सभी प्रतिनिधियों का फूल भेंट कर और चंदन का टीका लगाकर स्वागत किया। कमिश्नर टीएन बिन्देश्वरी, डीएम अभिषेक सिंह, एसएसपी राजीव मिश्रा, एयरपोर्ट निदेशक दिलीप कुमार तथा पर्यटन निगम के अधिकारियों ने विदेशी प्रतिनिधियों की अगवानी की।

यहां रविवार को महाबोधि मंदिर में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉनक्लेव के सभी प्रतिनिधियों का जुटान होगा और वे विश्व शांति के उदघोष करेंगे।

कॉन्क्लेव की खास बात यह है कि कई मुस्लिम देशों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। रविवार को बोधगया में वे महाबोधि मंदिर का भ्रमण करेंगे। बोधिवृक्ष का दर्शन करेंगे। यहां सूत्र पाठ होगा। शाम को सभी मेहमान विशेष विमान से दिल्ली लौट जाएंगे।

कॉनक्लेव का मकसद दुनिया के नक्शे पर भारतीय संस्कृति व पर्यटन को बढ़ावा देना और कनेक्टिविटी पर जोर देना है। इसमें इंग्लैंड, अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया, कांबोडिया, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, थाइलैंड, जापान, म्यांमार, श्रीलंका, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग, लाओस और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं।
-एजेंसी

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