प्‍लेन हाइजैकिंग की झूठी सूचना पर पहली बार दी गई उम्रकैद की सजा और 5 करोड़ जुर्माना

अहमदाबाद। एनआईए की एक विशेष अदालत ने बिरजू किशोर सल्ला नाम के एक व्यक्ति को एंटी-हाइजैकिंग ऐक्ट 2016 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 5 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया है। बिरजू 30 अक्टूबर 2017 को जेट एयरवेज की एक फ्लाइट के टॉयलेट में ‘प्लेन में हाइजैकर्स मौजूद हैं’ लिखने का दोषी है। इसके बाद फ्लाइट की इमर्जेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी थी।
विमान हाइजैक की झूठी अफवाह फैलाना बिरजू किशोर सल्ला को भारी पड़ गया।
कोर्ट ने मुआवजा भी देने को कहा
कोर्ट ने फ्लाइट में मौजूद पायलट को 1 लाख रुपये, सभी एयर होस्टेसेस को 50-50 हजार रुपये और सभी यात्रियों को 25-25 हजार रुपये मुआवजा भी देने को कहा है।
बता दें कि बिरजू किशोर सल्ला ने जेट एयरवेज के विमान के टॉयलट में एक धमकी भरा खत रख दिया था। इसमें लिखा था कि अपहरणकर्ताओं ने विमान को अपने घेरे में ले लिया है और दिल्ली में इसे नहीं उतरना चाहिए। इस विमान को सीधे पाक अधिकृत कश्मीर ले जाना चाहिए। खत के मिलने के बाद विमान संख्या 9W-339 को सुरक्षा कारणों के मद्देनजर अहमदाबाद के सरदार बल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए डायवर्ट किया गया था।
30 अक्टूबर 2017 की है घटना
पेशे से जूलर बिरजू 30 अक्टूबर 2017 को मुंबई से दिल्ली जा रही फ्लाइट के बिजनस क्लास में सफर कर रहा था, जब उसने यह हरकत की थी। फ्लाइट की लैंडिंग के बाद मामले में केस दर्ज किया गया और सल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली। जांच के दौरान एनआईए को कई अहम सबूत मिले कि किस तरह आरोपी ने पूरी तैयारी की थी और धमकी भरा नोट लिखा था।
कोर्ट ने कहा, बिरजू की हरकत से यात्रियों, क्रू की जान खतरे में पड़ी
जांच में सामने आया कि बिरजू ने यह हरकत पूरी तरह से जान-बूझकर की थी और उसका मकसद फ्लाइट के संचालन में बाधा पैदा करना था। एनआईए ने कहा कि बिरजू की इस हरकत से प्लेन में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान जोखिम में पड़ गई थी।
-एजेंसियां

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