ब्रज में पहली बार के डी हास्पिटल में हुई liver cancer की दुर्लभ सर्जरी

मथुरा। कैंसर के आगे भी जिन्दगी है, यह बात के.डी. मेडिकल कालेज-हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ गैस्ट्रो सर्जन डा. सम्राट रे और उनकी टीम ने पांच सितम्बर को गांव मुकंदपुर (हाथरस) निवासी मनवीर (40) के liver cancer की दुर्लभ सर्जरी कर सिद्ध कर दी है। liver cancer की ऐसी सर्जरी अब तक ब्रज क्षेत्र में पहली बार तथा मुम्बई और दिल्ली जैसे महानगरों के बड़े कैंसर हास्पिटलों में यदा-कदा ही हुई हैं। अब मनवीर पूरी तरह से स्वस्थ है।

ज्ञातव्य है कि मुकंदपुर, हाथरस निवासी मनवीर पुत्र रामजीलाल पिछले तीन-चार महीने से अपने पेट के दाहिने हिस्से के अंदर गठान महसूस कर रहा था, जोकि दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थी। परेशान मनवीर समस्या से निजात पाने के लिए आगरा के बड़े हास्पिटलों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से मिला लेकिन चिकित्सकों की समझ में ही नहीं आया कि यह गठान है भी तो आखिर कहां। आखिरकार चिकित्सकों ने मनवीर का आपरेशन करने से इंकार कर दिया। समस्या बढ़ती देख मनवीर अपने परिजनों के साथ के.डी. मेडिकल कालेज-हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के जनरल सर्जन डा. आशुतोष सिंह से मिला। मनवीर का सीटी स्कैन कराया गया और हास्पिटल के सीनियर रेडियोलाजिस्टों से लम्बी मंत्रणा के बाद टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि लीवर के दाहिने हिस्से में 12 गुणा 15 सेंटीमीटर की गठान है जोकि निरंतर नीचे की तरफ बढ़ रही है तथा इस गठान ने लीवर की महत्वपूर्ण नसों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

मनवीर की चिन्ताजनक स्थिति को देखते हुए अंततः विशेषज्ञ गैस्ट्रो सर्जन डा. सम्राट रे ने लीवर के आधे हिस्से की सर्जरी करने का निर्णय लिया। पांच सितम्बर को डा. रे के नेतृत्व में डा. जितेन्द्र राणा, डा. विक्रम यादव, निश्चेतना विशेषज्ञ डा. स्वाति वर्मा और टेक्नीशियन योगेश व धर्मवीर की टीम द्वारा कोई चार घण्टे के अथक प्रयासों के बाद मनवीर के लीवर कैंसर की सर्जरी करने में सफलता हासिल की गई। डा. रे का कहना है कि ऐसे दुर्लभ केस अब तक भारत ही नहीं दुनिया में 10-12 ही संज्ञान में आए हैं। इनका कहना है कि देश के अन्य बड़े कैंसर हास्पिटलों में इस तरह की सर्जरी का खर्च चार से पांच लाख रुपये आता है जबकि के.डी. हास्पिटल में सेवाभावना को ध्यान में रखते हुए बहुत ही कम खर्च में मनवीर की सर्जरी की गई है। मनवीर अब पूरी तरह से स्वस्थ है तथा उसके परिजनों ने के.डी. हास्पिटल के डाक्टरों का आभार माना है।

आर.के. एज्यूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल और प्राचार्य डा. मंजू नवानी ने इस दुर्लभ सर्जरी के लिए डाक्टरों की टीम को बधाई दी है। चेयरमैन डा. अग्रवाल का कहना है कि अभी तक कैंसर से जुड़ी जटिल सर्जरीज के लिए सामान्यतः मरीज को उपचार के लिए दिल्ली, मुम्बई आदि जाना पड़ता था लेकिन अब के.डी. हास्पिटल में हर तरह की सर्जरी की उच्चकोटि की व्यवस्थाएं हैं लिहाजा मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं है।

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