फ्लिपकार्ट ने अपनी सख्त रिटर्न पॉलिसी को वापस लिया

फ्लिपकार्ट ने रिफंड ऑफर नहीं करने वाली अपनी सख्त रिटर्न पॉलिसी को वापस ले लिया है। ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस ने कस्टमर्स के दूर होने के डर से अब पॉप्युलर कैटिगरीज में इसे दोबारा लॉन्च किया है। खरीदार अब बुक्स, होम डेकोर ऐंड लाइफस्टाइल, फैशन प्रॉडक्ट्स, फिटनस इक्विपमेंट, म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स समेत दूसरे कई प्रॉडक्ट्स में अब रिफंड्स हासिल कर सकते हैं। इससे पहले कन्ज्यूमर्स केवल इन प्रॉडक्ट्स को रिप्लेस करा सकते थे।
देश के सबसे बड़े मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट ने पहले कस्टमर्स को उसके प्लैटफॉर्म पर खरीदे गए प्रॉडक्ट्स लौटाने के मामले में पैसा लौटाना बंद कर दिया था। हालांकि कंपनी अब भी मोबाइल फोन, फर्नीचर, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन, टेलिविजन जैसे बड़े अप्लायंसेज और स्मॉल अप्लायंसेज जैसी दूसरी पॉप्युलर कैटिगरीज के लिए रिफंड नहीं देती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि एक साल के दौरान उसकी रिटर्न पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। फ्लिपकार्ट की वेबसाइट पर पिछले वीकेंड के दौरान पॉलिसी को अपडेट किया गया था और अब इसमें ‘नो रिफंड ऑफर्ड. ऑल सेल्स आर फाइनल’ का जिक्र नहीं है।
फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट की रिटर्न पॉलिसी बहुत ज्यादा कस्टमर फ्रेंडली है। एक साल के दौरान इसमें बदलाव नहीं हुआ है। हमारे कस्टमर्स ने हमेशा ही फ्लिपकार्ट पर बिना किसी झंझट वाला रिटर्न एक्सपीरियंस का मजा लिया है। हकीकत यह है कि कस्टमर्स फ्लिपकार्ट पर 1,800 कैटिगरीज में से करीब दो तिहाई के लिए सीधे वेबसाइट के जरिए रिफंड का आग्रह कर सकते हैं।’
पॉलिसी में पहले क्लोदिंग, फुटवेअर, आईवेअर और फैशन एक्सेसरीज जैसी चुनिंदा कैटिगरीज में प्रॉडक्ट्स के एक्सचेंज के लिए 30 दिन का समय दिया जाता था, जिसमें इन कैटिगरीज के सामान बदले जा सकते थे। हालांकि, अब यह इन प्रॉडक्ट कैटिगरीज के लिए भी इस अवधि के भीतर रिफंड की सहूलियत दे रही है। रिटेल पर फोकस करने वाली कंसल्टिंग फर्म थर्ड आईसाइट के चीफ एग्जिक्युटिव देवांग्शु दत्ता का कहना है, ‘इतनी तेजी से पॉलिसी में बदलाव करने से कस्टमर कन्फ्यूज होते हैं। जब मैं किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट से खरीदारी करता हूं तो मैं स्पष्ट रूप से यह जानता चाहता हूं कि किस चीज की इजाजत है और किस चीज की नहीं।
बार-बार पॉलिसी में बदलाव से ग्राहकों का भरोसा कम होता है। पॉलिसी चाहे जो कुछ भी हो, स्टेबल होनी चाहिए।’ ई-कॉमर्स फर्मों ने इंडियन बायर्स को ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ लुभाने के लिए पिछले साल की शुरुआत तक फुल रिफंड और नो-क्वेश्चन आस्क्ड रिटर्न पॉलिसी ऑफर की थी। हालांकि, ऐसी पॉलिसीज से इन फर्मों और इनके प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड सेलर्स की लॉजिस्टिक संबंधी कॉस्ट में बढ़ोत्तरी हुई।
-एजेंसी

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