नए साल की पहली कैबिनेट बैठक में पांच महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी

लखनऊ। नए साल की पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दे दी। साथ ही सौभाग्य योजना में यूपी के शानदार प्रदर्शन के लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को बधाई भी दी।
पहला फैसला
अनुमान के मुताबिक कैबिनेट ने यूपी पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्तव्य पालन के दौरान किसी दुर्घटना का शिकार होने या अपंग होने की स्थिति में सहायता नीति को मंजूरी दे दी। अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था उनके लिए नहीं थी। अब आर्थिक मदद इस प्रकार होगी।
70-79% विकलांगता : 15 लाख
50-69% : 10 लाख
80-100% : 20 लाख रुपये।
ऐसी घटनाओं पर पहले एफआईआर होगी। इसके बाद मेडिकल विभाग विकलांगता की रिपोर्ट देगा। इसके आधार पर सहयोग राशि दी जाएगी। अभी मृत्यु पर 40 लाख रुपये पत्नी/पति और 10 लाख रुपये माता-पिता की मिलते थे।
दूसरा फैसला
यूपी सतर्कता अधिष्ठान के 10 सेक्टरों लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानुपर, झांसी, आगरा, बरेली और मेरठ को थाने में परिवर्तित किया जाएगा। अभी जिस मामले में विजिलेंस जांच करता है उससे संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाती है। इससे बहुत बार गोपनीयता भंग होने का संकट रहता है। अब विजिलेंस अपने थाने में ही एफआईआर कर सकेगा। इससे ट्रैप की कार्रवाई अधिक सफल हो सकेगी। इसमें कोई अतिरिक्त बजट नहीं आएगा।
तीसरा फैसला
यूपी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में निदेशक/सचिव की भर्ती के लिये पहले डिजाइन विश्वविद्यालय या इंस्टीट्यूट में 20 वर्ष का कार्य अनुभव की आवश्यकता होती थी। इसे घटाकर 15 वर्ष कर दिया गया है। आवेदन के लिये आयु पहले 57 वर्ष तक थी। जिसेघटा कर 45 से 55 वर्ष कर दिया गया है। इसके साथ ही चयन कमेटी में निफ्ट के भी विशेषज्ञ होंगे।
चौथा फैसला
यूपी के सभी निकायों ग्राम, क्षेत्र, जिला पंचायत, नगरपालिका, नगर पंचायत और नगर निगमों में आस्थाई गौशाला खोली जाएगी। आवारा गौवंश की समस्या के समाधान के लिये यह कदम उठाया गया है। सरकार के इस फैसले से साफ हो गया है कि सरकार गौकशी के सख्त खिलाफ है।
आवारा पशुओं का नियमन किया जाएगा। अभी तक सरकार पंजीकृत गौशालाओं में 30 रुपये प्रति गाय प्रति दिन रख रखाव दिया जाता था। हालांकि ये उपाय पूरे नहीं थे। इसलिये ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन उपलब्ध होने पर गौ सरंक्षण सदन बनेंगे।
इसके लिये मनरेगा के माध्यम से ग्राम पंचायत, विधायक, सांसद निधि से निर्माण कराया जाएगा। 100 करोड़ रुपये स्थानीय निकाय को सरकार ने दिये हैं। हर जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों और नगरीय क्षेत्र में न्यूनतम 1000 निराश्रित पशुओं के लिये आश्रय स्थल बनेगा। इसके वितीय प्रबंधन के लिये आबकारी विभाग 2% गौ कल्याण सेस लगाएगा।
इसके साथ ही यूपीडा, निर्माण निगम, सेतु नगम, यूपीएसआईडीसी सहित अन्य लाभकारी संस्थान अपने लाभ का 0.5% गौ कल्याण के लिये देंगे। वहीं मंडी परिषद भी अपने लाभ का 2% इस मद में देगी।
पांचवा फैसला
मोटर दुर्घटना प्रतिकर से जुड़े मामले में जिले स्तर पर विशेषीकृत मोटर दुर्घटना अधिकरण स्थापित होगा। इसके लिये 23.73 करोड़ रुपए जारी होंगे। एडीजे के स्तर पर कोर्ट बनेगी।
-एजेंसियां

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