पहली महिला प्रधानमंत्री, जिसे गार्डन में टेंट लगाकर लेनी पड़ी पद की शपथ

समोआ की पहली महिला प्रधानमंत्री को संसद के गार्डन में टेंट लगाकर पद की शपथ लेनी पड़ी है, वजह है वहाँ की विपक्षी पार्टी, जिसने सत्ता से हटने से इंकार कर दिया और संसद में ताला लगा दिया.
इस घटना से प्रशांत महाद्वीप में स्थित इस देश में अनिश्चितता का माहौल बन गया है कि किसका इस देश पर नियंत्रण है.
22 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे ट्विलाएपा सैलेले मैलिलेगाओई ने पद छोड़ने के कोर्ट के आदेश को मानने से इंकार कर दिया है.
64 वर्षीय फ़ियामे नाओमी मताफ़ा सोमवार को इस उम्मीद में संसद पहुँचीं कि उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ लेनी है.
लेकिन पूर्व उप प्रधानमंत्री देश के मुख्य न्यायाधीश के साथ वहाँ पहुँचे और उन्हें संसद की इमारत में घुसने नहीं दिया. मताफ़ा के संसद भवन पहुँचने से पहले ही मैलिलिगाओई के समर्थकों ने वहाँ ताला लगा दिया था.
मताफ़ा और उनकी पार्टी के सदस्य संसद के गार्डन में इकट्ठा हुए और बारी-बारी से शपथ ली.
मताफ़ा की पार्टी ने एक बयान जारी करके कहा- लोकतंत्र हमेशा क़ायम रहना चाहिए. इस मौलिक सिद्धांत का कोई अपवाद नहीं हो सकता. जो इससे अलग दावा करते हैं और उसके अनुसार काम कर रहे हैं, वे आग से खेलते हैं.
विपक्ष से सत्ता को लेकर तकरार
मताफ़ा के विरोधियों ने गार्डन में हुए शपथ समारोह को ख़ारिज कर दिया है और इसे अनाधिकारिक कहा है. मैलिलेगाओई ने इस समारोह को ग़ैर क़ानूनी और अवैध कहा है.
समोआ के इतिहास का सबसे कड़ी टक्कर वाले चुनाव के एक महीने बाद ये विवाद सामने आया है. इस चुनाव के बाद कई विवाद हुए और क़ानूनी रूप से इसे चुनौतियाँ भी दी गईं.
मैलिलेगाओई की ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन पार्टी (एचआरपीपी) क़रीब चार दशक बाद सत्ता से बाहर हुई है और उन्हें मात दी है मताफ़ा की फ़ास्ट पार्टी ने. दोनों पार्टियों ने 25-25 सीटें जीतीं, लेकिन एक निर्दलीय सांसद ने अलग होकर फ़ास्ट पार्टी का समर्थन कर दिया.
एचआरपीपी ने इसे लेकर क़ानूनी दाँव-पेंच अपनाया. पार्टी ने दावा किया कि उसके विरोधियों ने महिला सांसदों के कोटे का सही तरह से पालन नहीं किया है. समोआ के चुनाव आयोग ने अप्रैल के मतदान के नतीजों को रद्द कर दिया और 21 मई को नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया.
लेकिन चुनाव से पाँच दिन पहले देश के सुप्रीम कोर्ट ने एचआरपीपी के ख़िलाफ़ फ़ैसला दिया और अप्रैल में हुए चुनाव के नतीजे को सही ठहराया. कोर्ट ने ये भी आदेश दिया कि मताफ़ा का शपथ ग्रहण होना चाहिए.
22 साल सत्ता में रहने वाले मैलिलेगाओई दुनिया में सबसे लंबे समय तक पीएम के पद पर रहने वाले दूसरे व्यक्ति हैं.
पोलिनेशिया की पहली महिला उप प्रधान मंत्री के रूप में काम कर चुकीं मताफ़ा की आम चुनाव में सफलता ने उन्हें इस क्षेत्र में सरकार का नेतृत्व करने वाली दूसरी महिला बना दिया है.
मताफ़ा इस देश के पहले पीएम की बेटी हैं और 1980 के दशक के मध्य से ही राजनीति में सक्रिय हैं.
-एजेंसियां

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