पहली अमेरिकी महिला, जिसे 85 मिनट के लिए मिलीं राष्ट्रपति की शक्तियां

उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस अमेरिका की ऐसी पहली महिला बन गई हैं, जिन्हें थोड़े समय के लिए राष्ट्रपति की शक्तियां दी गईं. दरअसल, ये शक्तियां राष्ट्रपति जो बाइडन के रेगुलर हेल्थ चेकअप कराने के दौरान दी गईं.
57 वर्षीय हैरिस को 85 मिनट के लिए राष्ट्रपति की शक्तियां दी गई थीं, जिस समय शुक्रवार को बाइडन अपने रूटीन कोलोनोस्कॉपी (आंतों की जांच) के दौरान एनेस्थीसिया में थे.
व्हाइट हाउस ने बताया है कि डेमोक्रेट नेता बाइडन ने संसद के नेताओं को स्थानीय समयानुसार सुबह 10.10 बजे शक्तियों के हस्तांतरण के बारे में सूचित किया और फिर वापस 11.35 बजे उन्होंने शक्तियों को वापस ले लिया.
बाइडन के डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद बयान जारी किया और कहा कि बाइडन अब स्वस्थ हैं और अपने कार्यभार को संभालने में सक्षम हैं.
यह मेडिकल जांच राष्ट्रपति के 79वें जन्मदिन की शाम को वॉशिंगटन के बाहर वॉल्टर रीड सैन्य अस्पताल में हुई थी.
कमला हैरिस ने संभाली ज़िम्मेदारी
अधिकारियों के मुताबिक़ इस दौरान हैरिस ने व्हाइट हाउस की वेस्ट विंग में अपने कार्यालय से सभी काम किए.
वो ऐसी पहली महिला और पहली काली और दक्षिण एशियाई अमेरिकी महिला हैं जो अमेरिका के उप-राष्ट्रपति पद के लिए चुनी गई हैं. अमेरिकी लोकतंत्र के 250 साल लंबे इतिहास में आज तक कोई भी महिला राष्ट्रपति नहीं बनी है.
अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन के अंदर राष्ट्रपति की शक्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया दर्ज है. यह तब हो सकता है, जब राष्ट्रपति अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में सक्षम न हो.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि इन परिस्थितियों में शक्तियों का अस्थायी ट्रांसफ़र अभूतपूर्व नहीं था और अमेरिकी संविधान के हिसाब से यह प्रक्रिया का हिस्सा है.
उन्होंने अपने बयान में कहा कि “साल 2002 और 2007 में इसी प्रक्रिया को अपनाया गया था, जब जॉर्ज डब्ल्यू बुश अमेरिका के राष्ट्रपति थे.”
राष्ट्रपति जब व्हाइट हाउस लौटे तो वो मुस्कुरा रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं.”
राष्ट्रपति बाइडन के डॉक्टर केविन ओ’कोनर ने कहा, “राष्ट्रपति बाइडन स्वस्थ और ऊर्जावान बने हुए हैं, 78 वर्षीय बाइडन राष्ट्रपति के कार्यभार को सफलतापूर्वक संभालने के लिए सक्षम हैं.”
राष्ट्रपति की मेडिकल जांच में क्या पाया गया
राष्ट्रपति के डॉक्टर ने कहा कि कोलोनोस्कॉपी के दौरान एक ‘बिनाइन पॉलिप’ पाई गई, जिसे आसानी से निकाल दिया गया.
ओ’कोनर ने कहा कि राष्ट्रपति की चाल में पहले की तुलना में ‘प्रत्यक्ष रूप से थोड़ी सख़्ती है.’ उनका कहना था कि यह उम्र बढ़ने के साथ उनकी रीढ़ की हड्डी के कारण है.
बाइडन अमेरिका के सबसे उम्रदराज़ राष्ट्रपति हैं और उन्होंने अपना अंतिम पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण दिसंबर 2019 में कराया था.
ऐसे अनुमान भी लगाए जाते रहे हैं कि इतनी उम्र होने के बाद बाइडन 2024 में राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल के लिए भी चुनाव लड़ेंगे. इसको लेकर ख़ुद बाइडन भी उम्मीद जता चुके हैं.
बाइडन ने देश के लोगों से वादा किया था कि वो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुलना में अपने स्वास्थ्य की जानकारियों को लेकर अधिक पारदर्शी रहेंगे.
साल 2019 में रिपब्लिकन नेता ट्रंप वॉल्टर रीड अस्पताल पहुँचे थे और उस समय की प्रेस सेक्रेटरी स्टेफ़नी ग्रीशम ने बताया था कि वो अज्ञात कारणों से अस्पताल गए थे. हालांकि, बाद में यह साफ़ किया गया कि ट्रंप कोलोनोस्कॉपी के लिए गए थे.
ट्रंप के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जब जवाल उठे तो उनके डॉक्टर ने उनके स्वास्थ्य को लेकर सवालों के जवाब दिए थे.
राष्ट्रपति बाइडन के डॉक्टर ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट जारी करते हुए यह बताया है कि वो ‘स्वस्थ, ऊर्जावान’ हैं और ‘राष्ट्रपति के पदभार की ज़िम्मेदारियां संभालने में पूरी तरह फ़िट हैं.’
-एजेंसियां

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