मथुरा में छात्रवृत्ति घोटाले और गबन की FIR दर्ज़

मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले व सरकारी धन के गबन में एक स्थानीय कंप्यूटर सेंटर संचालक सहित पिछड़ा वर्ग कार्यालय के विभागीय कर्मचारियों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराई गई है।

थाना कोतवाली अंतर्गत पंजाबी पेंच डेम्पियर नगर स्थित उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौज़दार व मिताली फौज़दार तथा जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों के ख़िलाफ़ छात्रवृत्ति घोटाला, सरकारी धन का गबन एवं धोखाधड़ी एवं फर्जीवाड़ा करने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के आदेश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 , 467, 468, 471 तथा 409 के अंतर्गत FIR दर्ज़ की गई है।

FIR के अनुसार उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौज़दार व मिताली फौज़दार ने जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों के साथ मिलकर वर्ष 2010-11, 2013-14, 2014-15 तथा 2015-16 में पिछड़ा वर्ग के छात्रों को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स में प्रशिक्षण के नाम पर 10 लाख 90 हज़ार रुपये के सरकारी धन का गबन कर घोटाला किया तथा छात्रों के हक़ पर डाका डालते हुए उनके साथ धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा किया। उत्तर प्रदेश सरकार से आवंटित धनराशि के सापेक्ष किसी भी छात्र का उपरोक्त वर्षों में न तो ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स के लिए पंजीकरण कराया गया और ना ही किसी भी छात्र को परीक्षा दिलाई गयी| छात्रवृति की रकम का उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौज़दार व मिताली फौज़दार तथा जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों व अधिकारियोंं द्वारा आपस में बंदरबांट कर लिया गया |

आरटीआई कार्यकर्ता व समाजसेवी आशुतोष गर्ग ने सूचना के अधिकार का प्रयोग करते हुए इस सम्पूर्ण घटनाक्रम का पर्दाफाश किया तो पिछड़ा वर्ग विभाग ने मात्र वर्ष 2015-16 के लिए घोटाले व गबन का दोषी मानते हुए उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौज़दार व मिताली फौज़दार से 4 लाख 20 हज़ार की वसूली कर उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर को निरस्त कर दिया लेकिन सरकारी धन के गबन व धोखाधड़ी की FIR दर्ज़ नहीं कराई| पिछड़ा वर्ग विभाग मथुरा व उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौज़दार व मिताली फौज़दार की मिलीभगत को देखते हुए आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा तीन वर्षों 2010-11, 2013-14, 2014-15 के रिकॉर्ड मांगने पर पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों, अधिकारियों व उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौज़दार व मिताली फौज़दार ने आज तक किसी भी छात्र छात्राओं के पंजीकरण व परीक्षाफल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया |

इस सम्पूर्ण प्रकरण में अपने को बुरी तरह घिरता व फंंसता हुआ देखकर उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौज़दार व मिताली फौज़दार ने पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के साथ मिलकर आशुतोष गर्ग के ख़िलाफ़ एक षड्यंत्र के तहत फर्जी आरटीआई बनाकर चुप कराने की नाकाम कोशिश की गयी जिसकी पुलिस द्वारा जाँच करने पर भी केस झूठा पाया गया |

उपरोक्त सम्पूर्ण घटनाक्रम का लिखित में विवरण जब आशुतोष गर्ग द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा को दिया गया तो उन्‍होंने इस मामले में FIR दर्ज़ कर मुकद्दमा कायम करने के आदेश दिए गए |

आशुतोष गर्ग का दावा है कि मार्च 2018 तथा मई 2019 के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सीसीसी परीक्षा में सरकारी कंप्यूटर के नेटवर्क को हैक कराकर नकल कराने के दोषी होने के कारण उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर को आजीवन ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

 

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