राबड़ी देवी, तेजस्वी और तेजप्रताप सहित 92 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

पटना। राबड़ी आवास के बाहर शुक्रवार को हुए सियासी हंगामे को लेकर पटना पुलिस ने 92 लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज की है। जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह समेत कई विधायकों के नाम भी शामिल हैं।
इसके अलावा शुक्रवार को ही गोपालगंज में भी आरजेडी विधायक, जिलाध्यक्ष समेत 73 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। आरजेडी नेताओं पर FIR दर्ज होने के बाद गोपालगंज मामले पर बिहार का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ने लगा है।
गोपालगंज ट्रिपल मर्डर मामले पर गरमाई सियासत
गोपालगंज ट्रिपल मर्डर मामला अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। चुनावी साल में आरजेडी इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहती है तो सरकार के सामने आरोपी जेडीयू विधायक की गिरफ्तारी का चैलेंज है। वहीं इस हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को पटना स्थित राबड़ी आवास पर कई घंटे तक सियासी ड्रामा भी देखने को मिला। आरजेडी नेतृत्व का विधायकों के साथ गोपालगंज जाने की जिद में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह उल्लंघन किया गया। अनुमति नहीं होने के बावजूद गोपालगंज जाने के लिए अड़े आरजेडी नेताओं ने राबड़ी आवास के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी की। इस मामले पुलिस ने 92 आरजेडी नेताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है।
FIR पर तेजस्वी यादव ने नीतीश को दिया जवाब
पटना के सचिवालय थाने में 92 आरजेडी नेताओं पर FIR दर्ज किये जाने के बाद तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से सवाल किया है। तेजस्वी ने कहा, ‘आदरणीय नीतीश कुमार जी, अगर आपको लगता है कि आप मेरे और पार्टी के नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर हमें डरा सकते हैं तो आप बहुत बड़े भ्रम में जी रहे हैं। जब तक आपका पसंदीदा अपराधी और आतंकी प्रवृति का विधायक गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक हम आराम नहीं करेंगे और नरसंहार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर रहेंगे। आप क्या चाहते हैं सत्ताधारी गुंडे ऐसे ही गरीबों का कत्लेआम करते रहें और हम चुप बैठे रहें। हम बीजेपी के नेतृत्व वाली नीतीश सरकार को बिहार में अराजकता नहीं फैलाने देंगे।’
जेडीयू का तेजस्वी पर पलटवार
जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा, ‘नियम कानून का उल्लंघन करना आरजेडी के घोषणा-पत्र में शामिल होता रहा है। शुक्रवार को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जिस प्रकार से लॉकडाउन का उल्लंघन कर सोशल डिस्टेंसिंग को तार-तार किया गया, यह जगजाहिर हो गया। लोगों ने देखा कि किस प्रकार आरजेडी ने सभी नियमों को ताक पर रखकर सियासी ड्रामा किया था। पुलिस प्रशासन किसी के कहने पर कार्यवाही नहीं करती, बल्कि साक्ष्य और सबूत के आधार पर कार्यवाही करती है।
निखिल मंडल ने कहा, ‘पुलिस ने उसी सबूत के आधार पर आरजेडी नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। तेजस्वी यादव को दूसरे पर आरोप लगाने के पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए कि वो खुद क्या हैं। उनकी पार्टी तो शहाबुद्दीन, राजबल्लभ यादव, अरुण यादव जैसे लोगों को Poster Boys बनाती है।
बीजेपी ने तेजस्वी को दी नसीहत
बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि गोपालगंज की घटना बहुत ही दुखद है और पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदना- सहानुभूति महसूस करते हैं। लेकिन तेजस्वी क्या राजनीति करके, सरकारी नियमों को तोड़कर, लॉकडाउन का उल्लंघन कर और हंगामा खड़ा करके हमारे पीड़ित भाई को न्याय दिलाएंगे? ऐसा करेंगे तो उनपर नियम के तहत मामला दर्ज होगा ही। सिर्फ तेजस्वी यादव ही नहीं सभी चाहते है कि पीड़ित को न्याय और दोषियों को सख्त सजा मिले। इसके लिए हमें पुलिस- प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा रखना होगा।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी यादव को सिर्फ राजनीति करना चाहिए लेकिन राजनीतिक ठेकेदारी न करें। उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव के राजनीति का दुखद पक्ष यह है कि वो सरकार और व्यवस्था के साथ मुकाबला करते हुए दिखना और छवि गढ़ना चाहते हैं। मुद्दों को उलझाकर, जनता को भड़काकर राजनीति करने की कोशिश से नेता विपक्ष के तौर पर तेजस्वी अपनी नकारात्मक छवि गढ़ रहे हैं। अब तो यह भी लगता है कि वैचारिक मुद्दों के अभाव में जनभावनाएं भड़काकर नेता प्रतिपक्ष अपनी राजनीति की गाड़ी आगे बढ़ाना चाहते हैं।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *