JNU छात्र संघ की अध्यक्ष सहित 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली पुलिस ने JNU छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष सहित 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन पर तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप लगे हैं। आईशी पर FIR से मशहूर गीतकार जावेद अख्तर भड़क गए हैं। अख्तर ने इसे समझ से परे बताते हुए पुलिस पर गुस्सा निकाला है।
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी JNU मारपीट मामले को दो दिन बीत चुके हैं। पुलिस एक्शन में तो है लेकिन अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
घोष और अन्य पर तोड़फोड़ का आरोप
छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष और अन्य छात्रों पर JNU प्रशासन की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। इन सभी छात्रों पर 4 फरवरी को सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने और मौजूद सुरक्षा गार्ड से मारपीट करने का आरोप है। JNU प्रशासन मे पांच जनवरी को शिकायत की थी, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
जावेद अख्तर का तंज वाला ट्वीट
आईशी पर FIR से काफी गुस्से में नजर आ रहे अख्तर ने ट्वीट कर तंज कसते हुए कहा, ‘JNUSU की अध्यक्ष के खिलाफ FIR समझ से परे है। आखिर उसने कैसे हाथ में लोहे की रॉड वाले राष्ट्रवादियों, देश प्रेमियों को अपने सिर से रोकने का साहस किया। इन देशद्रोहियों ने हमारे गरीब गुंडों को ठीक से लाठी भी नहीं भांजने दी। उन्होंने हर बार अपना शरीर सामने कर दिया। मुझे पता है कि उन्हें चोट पसंद है।’
फॉरेंसिक की टीम भी पहुंची JNU
फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की एक टीम भी JNU पहुंची है। ये टीम जेएनयू में 5 जनवरी को हुई हिंसा की जांच में सहयोग करेगी। बता दें कि नकाबपोश हमलावरों ने विश्वविद्यालय में काफी तोड़फोड़ की थी। फॉरेंसिक टीम हमलावरों को पकड़ने के लिए सुराग तलाशेगी।
जिम्मेदारी लेने वाले संगठन पर भी नजर
सरकारी सूत्रों के मुताबिक 5 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में पुलिस जांच में जुटी हुई है। दिल्ली पुलिस की नजर हिंदू रक्षा दल के मुखिया पिंकी चौधरी पर भी है। पिंकी ने JNU में हुई मारपीट की जिम्मेदारी ली है। पिंकी चौधरी के दावे पर पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर जांच शुरू की है। पुलिस JNU में हमला करने वाले नकाबपोशों को पहचानने की कोशिशों में भी जुटी हुई है। इसके लिए वीडियो फुटेज, चेहरा पहचानने वाली तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
हॉस्टलों में नकाबपोशों ने की थी तोड़फोड़
JNU के तीन हॉस्टलों में पांच जनवरी की शाम जमकर बवाल हुआ। कई छात्रों को पीटा गया और तोड़फोड़ भी की गई। छात्र संघ अध्यक्ष घोष पर भी हमला किया गया और उन्हें सिर पर काफी चोट लगी। अभी तक हमलावर पकड़ में नहीं आए हैं, लेकिन नकाबपोश हमलावरों पर जमकर राजनीति शुरू जरूर हो गई है। हमले के बाद साबरमती हॉस्टल के दो वार्डन ने इस्तीफा दे दिया। राम अवतार मीणा और प्रकाश साहू खुद यह कहते हुए अलग हो गए कि वे छात्रों को सुरक्षा मुहैया नहीं करवा पाए।
-एजेंसियां

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