रिश्‍वत देने के मामले में Walmart पर 1964 करोड़ रुपये का जुर्माना

दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी Walmart पर अमेरिका द्वारा लागू भ्रष्टाचार-रोधी नियमों का उल्लंघन करने पर अब 1964 करोड़ रुपये (28.2 करोड़ डॉलर) का जुर्माना चुकाएगी। यह जुर्माना कंपनी इस मामले का निपटारा करने के लिए देगी। कंपनी पर अमेरिकी प्रतिभूति बोर्ड ने यह जुर्माना लगाया है। कंपनी पर सात साल पहले आरोप लगा था कि वो विदेशों में कारोबार शुरू करने के लिए अधिकारियों को घूस देती है।
इन देशों में खिलाई घूस
Walmart पर भारत, चीन, मैक्सिको और ब्राजील में कारोबार चलाने के लिए अमेरिका के भ्रष्टाचार-रोधी नियमों का उल्लंघन करके वहां के अधिकारियों को रिश्वत खिलाने का आरोप है। अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के मुताबिक नियमों का उल्लंघन Walmart के बिचौलियों ने किया है। बिचौलियों ने बिना उचित मंजूरी के दूसरे देश के सरकारी अधिकारियों को भुगतान किया। विदेशी भ्रष्ट व्यवहार कानून (एफसीपीए) या एफसीपीए के तहत मंजूरी लेना जरूरी होता है।
10 साल से रही विफल
प्रतिभूति आयोग ने Walmart पर एफसीपीए के नियमों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया है। कंपनी 10 साल से ज्यादा समय तक भ्रष्टाचार-रोधी अनुपालन कार्यक्रम संचालित करने में विफल रही। इस दौरान, उसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार किया।
आयोग ने कहा कि Walmart एसईसी के मामले का निपटान करने के लिए 14.4 करोड़ डॉलर और आपराधिक मकदमों को समाप्त करने के लिए करीब 13.8 करोड़ डॉलर देने को तैयार है। इस तरह कुल रकम 28.2 करोड़ डॉलर बैठेगी। प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग के प्रवर्तन विभाग के एफसीपीए इकाई के प्रमुख चार्ल्स कैन ने कहा, “वॉलमार्ट ने नियमों अंतर्राष्ट्रीय स्तर कारोबार की वृद्धि और खर्चों में कमी को के अनुपालन से ज्यादा महत्व दिया।”
एसईसी के मुताबिक- Walmart की थर्ड पार्टी इन्टर्मीडीएरीज ( मध्यवर्ती संस्थाओं) ने एफसीपीए का उल्लंघन किया। एफसीपीए की अनदेखी के लिए इन्टर्मीडीएरीज ने दूसरे देशों के सरकारी अफसरों को पैसे दिए थे।
-एजेंसियों

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