वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया आर्थिक राहत पैकेज, हेल्थ से जुड़े नए राहत पैकेज सहित कुल 8 उपायों का किया एलान

नई दिल्‍ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आर्थिक राहत पैकेज का एलान किया। इससे कोरोना की मार से बेहाल अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुल 8 उपायों का एलान किया जा रहा है। इसमें से 4 उपाय बिल्कुल नए हैं। इसमें हेल्थ से जुड़ा एक नया राहत पैकेज भी शामिल है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिन में 3 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक राहत पैकेज का एलान किया। इस दौरान उनके साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। सरकार ने 1.1 लाख करोड़ रुपये का फंड क्रेडिट गारंटी योजना के लिए आवंटित किया है। कोविड से प्रभावित क्षेत्रों को इससे मदद मिलेगी। 8 महानगरों को छोडकर दूसरे शहरों में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके तहत सरकार कम ब्याज दर पर लोन देगी। स्कीम के तहत 100 करोड़ रुपये का अधिकतम लोन होगा। इस लोन पर सरकार की गारंटी भी होगी।
पिछले साल भी सरकार ने क्रेडिट गारंटी योजना का एलान किया था। इस बार ईसीएलजीएस (ECLGS) स्कीम के तहत 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन का प्रावधान किया गया है। क्रेडिट गारंटी स्कीम से 25 लाख छोटे उद्यमियों को इसका फायदा मिलेगा। इसमें ब्याज की दर एमसीएलआर प्लस 2 फीसदी होगा। इसकी समय अवधि अधिकतम 3 साल की होगी। इसका लाभ 31 मार्च 2022 तक उठाया जा सकता है।
पर्यटन (Tourism) के क्षेत्र के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत टूरिस्ट गाइड (Tourist Guide) और इस तरह के दूसरे के लोगों के लिए मदद दी जाएगी। इसका लाभ 11000 टूरिस्ट गाइड को मिलेगा। एक लाख रुपये तक की सहायता टूरिस्ट गाइड को दी जाएगी। टूरिस्ट एजेंसी को 10 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्यटन के एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले पहले 5 लाख टूरिस्ट को वीजा शुल्क (visa fees) नहीं देना पड़ेगा। 1.93 लाख पर्यटक 2019 में भारत आए। ऐसे टूरिस्ट औसतन 21 दिन भारत में रुकता है। वह प्रतिदिन औसतन 2400 रुपये खर्च करता है। यह स्कीम अगले साल 31 मार्च तक जारी रहेगी। इस पर कुल 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वीजा शुल्क से छूट सिर्फ एक बार मिलेगी।
वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (ABRY) से जुड़ी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस योजना का मकसद नए रोजगार का सृजन करना था। यह भी सुनिश्चित करना था कि जिन लोगों की नौकरी चली गई है, उन्हें फिर से रोजगार मिल सके। यह स्कीम 30 जून 2021 तक थी। अब इस योजना की अवधि अगले साल 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। इस योजना के तहत नियोक्ता और कर्मचारी के हिस्से का पीएफ योगदान सरकार करती है।
सरकार की तरफ से रबी सीजन 2021-22 में 432.48 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है। इसके अलावा न्यूट्रिएंट आधारित सब्सिडी को 42,275 करोड़ रुपये किया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत पिछले साल गरीब आय वर्ग के लोगों को गेहूं, चावल और चना दिया गया था। इस साल भी कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए इस स्कीम की अवधि इस साल नवंबर तक बढ़ाई जा रही है। इस पर 93869 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
बच्चों के लिए अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार बड़ा निवेश करेगी। इसके लिए 23220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बच्चों के लिए आईसीयू बेड सहित अन्य सुविधाएं बनाई जाएंगी। यह रकम अगले साल 31 मार्च तक खर्च होगी। पिछले साल भी सरकार ने अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए 15000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने पर ध्यान दे रही है। इसके लिए ज्यादा पोषक तत्व वाली बायो फसल तैयार करने पर काम चल रहा है। आईसीएआर ने इसे तैयार किया है। इससे कुपोषण की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी। इसके लिए अनाज की 21 किस्में तैयार की गई हैं।
उत्तरपूर्वी राज्यों के किसानों के लिए भी वित्त मंत्री ने उपायों का एलान किया। 70.45 करोड़ रुपये का पैकेज इस क्षेत्र के लिए दिया गया है। इससे उत्तरपूर्वी राज्यों के किसानों के लिए फसल की अच्छी कीमत मिल सकेगी। इसके लिए इस रकम से बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। इससे बिचौलियों को खत्म कर किसानों को बेहतर कीमत दिलाने पर फोकस होगा।
वित्त मंत्री ने एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े कदम की घोषणा की। 33,000 करोड़ रुपये की मदद से एनईआईए के जरिए निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट के लिए होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत सभी गांवों को ब्रॉडबैंड के तहत लाया जाएगा। 19041 करोड़ रुपये का खर्च होगा। इससे उन गांवों को भी इंटरनेट से जोड़ दिया जाएगा। भारतनेट के पीपीपी मॉडल के तहत 16 राज्यों में इस योजना को लागू किया जा रहा है।
पीएलआई स्कीम की अवधि एक साल के लिए बढ़ाई गई। अब यह स्कीम पांच साल के लिए है। अब यह स्कीम वित्त वर्ष 2025-2026 तक जारी रहेगी। इस स्कीम के तहत देश में उत्पादों के निर्माण पर कंपनियों को इंसेंटिव दी जाती है। सरकार ने बिजली क्षेत्र में भी सुधार के लिए कदम उठाने का ऐलान किया। इसके लिए समार्ट मीटर लगाने पर जोर होगा।
पिछले साल भी सरकार ने इकोनॉमी को मजबूती देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया था। उद्योग सहित कई जानकारों को सरकार की तरफ से राहत पैकेज की उम्मीद थी। उनका मानना था कि कोरोना की दूसरी लहर से बेहाल घरेलू अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए सरकार को राहत पैकेज लानी चाहिए।
-एजेंसियां

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