FIFA world cup: अपने आखिरी महाकुंभ को यादगार बनाना चाहेंगे चार खिलाड़ी

बस 15 दिन और शुरू हो जाएगा गोल-गोल का शोर FIFA world cup। दुनिया भर की 32 टीमें 14 जून से रूस में विश्व विजेता बनने के लिए पूरी जी जान लगा देंगी। इनमें कुछ युवा दिग्गजों के बीच अपनी छाप छोड़ने को बेताब होंगे तो कुछ दिग्गज अपने आखिरी महाकुंभ का यादगार बनाना चाहेंगे। यह उनका अंतिम विश्व कप होगा। इसके बाद शायद ही वह अपने देश की जर्सी में खेल पाएं। ऐसे ही कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों पर एक नजर जो अंतिम बार अपना दम दिखाएंगे।
मौजूदा समय में दुनिया के महानतम मिडफील्डरों में शुमार स्पेनिश स्टार आंद्रे इनिस्ता का यह आखिरी विश्व कप होगा। 22 साल बार्सिलोना में गुजारने के बाद जापानी क्लब कोसेज कोबे से अपनी नई पारी शुरू करने वाले इनिस्ता स्पेन को एक बार फिर विश्व विजेता बनाने के लिए अपना कश्मिाई प्रदर्शन करने को तैयार हैं। आठ साल पहले 11 जुलाई 2010 को दक्षिण अफ्रीका के जोहानिबर्ग में इनिस्ता ने नीदरलैंड्स के खिलाफ फाइनल मुकाबले में अतिरिक्त समय में अपने पैरों का जादू दिखाते हुए शानदार गोल दागकर स्पेन को विश्व विजेता बनाया था। इसके साथ ही उन्होंने अपना नाम इतिहास के पन्ने में दर्ज करवा लिया था। मैन ऑफ द रहे इनिस्ता ने 2006 में स्पेन के लिए अपना पहला मुकाबला खेला था उसके बाद से वह टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। चौथी बार विश्व कप में खेलने जा रहे इनिस्ता एक बार फिर चमत्कारिक प्रदर्शन करना चाहेंगे।
विश्व कप में प्रदर्शन- 2006, 2010, 2014
पहला मैच : साऊदी अरब, 0-1 से हार, 23 जून 2006
कुल मैच : 10
गोल : 02
-124 मैच स्पेन की ओर से इनिस्ता ने खेले हैं जिमसें 13 गोल दागे हैं
खिताब
विश्व कप : 2010
यूरो : 2008, 20112
ऑस्ट्रेलियाई टीम में टिम काहिल सबसे अनुभवी और उम्रदराज खिलाड़ी होंगे। सॉक्रूस के नाम से मशहूर टिम ऑस्ट्रेलिया के ऑल टाइम शीर्ष स्कोरर हैं। 2004 में पदार्पण के बाद से इस स्टार फॉरवर्ड ने हर कैलेंडर वर्ष में टीम की ओर से गोल किया। 2014 विश्व कप में चिली के खिलाफ गोल दागने के साथ ही वह तीन विश्व कप में गोल करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉलर बने थे। वह रूस में भी गोल दागकर अपने इस रिकॉर्ड को कायम रखना चाहेंगे। साथ ही ऑस्ट्रेलिया को पहली बार विश्व विजेता बनाकर यादगार विदाई चाहेंगे।
विश्व कप में प्रदर्शन-2006, 2010, 2014
पहला मैच : जापान, 3-1 से जीता, 12 जून 2006
कुल मैच : 08
गोल : 05
-105 मैच ऑस्ट्रेलिया की ओर से टिम ने खेले हैं जिमसें 50 गोल किए हैं
खिताब : कोई नहीं
अर्जेंटीना के पूर्व कप्तान जेवियर मेशरानो टीम की रीढ हैं। भले ही टीम के स्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी हो लेकिन यह मिडफील्डर अकेले दम पर टीम को जीत दिलाने का दम रखते हैं। 2014 में जीत के मुहाने पर आकर विश्व विजेता बनने से चूकने की टीस जेवियर के दिल में अभी तक है। वह इस बार टीम को तीसरी बार विश्व चैंपियन बनाने को तैयार हैं। पिछले 15 वर्षों से अर्जेंटीनी टीम का लगातार हिस्सा रहे जेवियर सर्वाधिक मैच खेलने के मामले में जेवियर जेनेटी के बाद दूसरे नंबर पर हैं। वह 2004 और 2008 ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे हैं।
विश्व कप में प्रदर्शन-2006, 2010, 2014
पहला मैच : कोटे डी आईवोयर, 2-1 से जीता, 10 जून 2006
कुल मैच : 16
गोल : 00
-141 मैच अर्जेंटीना की ओर से जेवियर ने खेले हैं जिमसें तीन गोल किए हैं
खिताब
ओलंपिक स्वर्ण पदक : 2004, 2008
लगातार चार विश्व कप में मैक्सिको की टीम अगुआई करने वाले राफेल मार्केज रूस में एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। एल कैसर के नाम से मशहूर राफेल हमवतन एंटोनिया कार्बाजल और जर्मनी के लोथर मैथॉस के सर्वाधिक लगातार पांच विश्व कप में खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगे। पिछले 21 वर्षों से मेक्सिको की टीम का हिस्सा रहे राफेल टीम से करिश्माई प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे। वह चाहेंगी टीम कम से कम सेमीफाइनल में पहुंचे। वह अपने आखिरी विश्व कप को यादगार बनाना चाहेंगे।
विश्व कप में प्रदर्शन-2002, 2006, 2010, 2014
पहला मैच : क्रोएशिया, 1-0 से जीते, 03 जून 2002
कुल मैच : 16
गोल : 03
-143 मैच मैक्सिको की ओर से राफेल ने खेले हैं जिमसें 18 गोल दागे हैं
खिताब
फीफा कंफेडरेशन कप : 1999
-एजेंसी

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