होलाष्टक के डर से नामांकन दाखिल नहीं कर रहे प्रत्‍याशी

मेरठ। लोकसभा चुनाव के पहले चरण का नामांकन शुरू होने के बाद 2 दिनों तक पश्चिम यूपी के मेरठ जिले में किसी भी प्रत्याशी ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है। शुभ मुहूर्त के इंतजार में प्रत्याशी होली के बाद नामांकन दाखिल करने की बात कह रहे हैं।
लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण का नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पश्चिम उत्तर प्रदेश की कई महत्वपूर्ण सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए भले ही आयोग की ओर से 18 मार्च से 25 मार्च तक की नामांकन की मियाद रखी है, लेकिन अब तक पश्चिम यूपी की सबसे प्रतिष्ठित सीट मेरठ में किसी भी प्रमुख पार्टी के प्रत्याशी के अपने नामांकन दाखिल नहीं किया है। कहा जा रहा है कि राजनीतिक दलों के नेता फाल्गुन महीने के उस अशुभ काल के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसे होलाष्टक कहा जाता है।
होली के पहले के आठ दिन शास्त्रों और ज्योतिष विद्या के अनुसार अशुभ माने जाते हैं। लोक परंपराओं कहा जाता है कि इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए और इसी दलील के साथ प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता अपना नामांकन नहीं कर रहे हैं। बीजेपी यूपी के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मान्यताओं के अनुसार होली के पहले होलाष्टक के काल को अशुभ माना जाता है। ऐसे में कोई भी हिंदू प्रत्याशी इस अवधि में अपना नामांकन दाखिल करने से परहेज करता है।
25 मार्च है नामांकन की आखिरी तारीख
मेरठ के उप जिला निर्वाचन अधिकारी सोमेश कुमार ने इस बारे में बात करते हुए कहा, ‘नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुए दो दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने भी अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है। प्रत्याशी इसके पीछे धार्मिक कारण होने की बात कह रहे हैं, लेकिन होली के बाद नामांकन की प्रक्रिया को पूरा करा लिया जाएगा।’ बता दें कि पहले चरण की 8 सीटों पर नामांकन की आखिरी तारीख 25 मार्च है।
11 अप्रैल को मेरठ और सहारनपुर में वोटिंग
बता दें कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण में यूपी की 8 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होनी है। 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं। इन आठ लोकसभा सीटों पर करीब डेढ़ करोड़ वोटर 11 अप्रैल को अपने वोट डालेंगे।
-एजेंसियां

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