खूंटी गैंगरेप केस में फादर अल्फांसो दोषी करार

झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी जिले में एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की पांच महिला कार्यकर्ताओं का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले के मुख्य आरोपी फादर अल्फांसो को दोषी करार दिया गया है. 15 मई को फादर अल्फांसो को सजा सुनाई जाएगी. कोर्ट की ओर से आरोप तय किए जाने के बाद फादर अल्फांसो को हिरासत में ले लिया गया है.
पिछले साल खूंटी जिले के कोचांग गांव में सामूहिक रेप की इस घटना ने पूरे राज्य में दहशत फैला दी थी. पिछले साल खूंटी जिले में मानव तस्करी के खिलाफ जागरुकता फैलाने का काम करने वाली 5 नाबालिग लड़कियों को 21 जून को कोचांग गांव में बंधक बनाकर उनके साथ गैंगरेप किया गया था. घटना के एक महीने बाद पुलिस जुलाई में गैंगरेप के मास्टरमाइंड को पश्चिम सिंघभूम जिले से गिरफ्तार कर सकी थी.
गैंगरेप के लिए उकसाया
पुलिस महानिरीक्षक नवीन कुमार ने खूंटी में बताया कि मास्टरमाइंड जुनस तुडू को बलराम समद के साथ चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया. जुनस ने पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के नक्सलियों को गैंगरेप करने के लिए उकसाया था.
गैंगरेप के इस मामले में पुलिस ने पीएलएफआई सदस्य और मुख्य आरोपी बाजी समद उर्फ टकला, रोमन कैथोलिक चर्च के पादरी अल्फांसो सहित 2 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. आरोपी बलराम समद ने पूछताछ में माना था कि उसने और अन्य लोगों ने जुनस और बलराम के कहने पर महिलाओं के साथ गैंगरेप किया था.
खूंटी-कोचांग गैंगरेप की घटना के बाद से कोचांग गांव में लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी हुई थी. ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प की कई घटनाएं हुई. झड़प की घटनाओं की वजह से हुई भगदड़ में कुछ ग्रामीणों की मौत भी हो गई थी. ग्रामीणों ने बीजेपी सांसद करिया मुंडा के घर पर हमला कर उनके तीन सुरक्षा गार्डों को अगवा कर लिया था.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना पर सख्ती दिखाई थी और अपना तीन सदस्यीय दल खूंटी भेजा था. इस दल ने फादर अल्फांसो के आचरण पर संदेह जताया और व्यक्त किया है. प्रबंधक नुक्कड़ नाटक दल की इन पांच सदस्यों के अपहरण की अधिकारियों को जानकारी देने में कथित तौर पर विफल रहे.
-एजेंसियां

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